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दिल्ली पुलिस के खिलाफ गहरी साजिश बेनकाब (Img: X)
New Delhi: नई दिल्ली में ACP विवेक भगत पर गलत व्यवहार का आरोप लगाने वाला एक नकली AI-जनरेटेड वीडियो बनाने के आरोपी नदीम अहमद अमीन की गिरफ्तारी की जांच के दौरान पुलिस को उसके सोशल मीडिया और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े कई सुराग मिले।
पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय नदीम 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का समर्थक है और उसने पहले जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान पार्टी के समर्थन में सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए थे। पुलिस अब उसके पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
नई दिल्ली जिला पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर कुछ रील्स सामने आईं। इनमें से एक वीडियो को असली CCTV फुटेज के तौर पर पेश किया गया था, इसमें पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति को एक युवती के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार करते हुए दिखाया गया था। वीडियो में ACP (कनॉट प्लेस) विवेक भगत की तस्वीर, नाम और रैंक का जिक्र था। पुलिस जांच में पता चला कि वीडियो AI-जनरेटेड और एडिटेड था। इसके बाद साइबर पुलिस स्टेशन ने मामले की जांच शुरू की।
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पुलिस के अनुसार, आपत्तिजनक वीडियो एक इंस्टाग्राम अकाउंट से अपलोड किया गया था। जांच में इस अकाउंट का संबंध हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले नदीम अहमद अमीन से जुड़ा। पुलिस ने 5 अक्टूबर को आरोपी को हरियाणा के मेवात इलाके से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि उसके मोबाइल फोन की जांच से कथित नकली वीडियो से संबंधित कंटेंट और तस्वीरें मिलीं। पुलिस को आरोपी उस इंस्टाग्राम अकाउंट में लॉग-इन मिला जिसका इस्तेमाल रील पोस्ट करने के लिए किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पिछली सोशल मीडिया गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने बताया कि पहले उसका एक सोशल मीडिया हैंडल था जिसे अप्रैल 2026 में सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम का एक नया हैंडल बनाया। पुलिस का दावा है कि नदीम ‘कॉकरोच’ ‘जनता पार्टी’ से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय था और उसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लेते देखा गया था। पुलिस के अनुसार, उसने CJP के समर्थन में कई वीडियो पोस्ट किए थे। उसके पुराने हैंडल से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नदीम ने कुछ वीडियो को पेड चैनलों के जरिए प्रमोट किया, जिससे उनके व्यूज बढ़ गए। हालांकि, पुलिस को अभी तक उसकी कथित गतिविधियों के लिए फंडिंग के किसी स्रोत के बारे में ठोस जानकारी नहीं मिली है। वे अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आरोपी ने वीडियो बनाने और फैलाने का काम अकेले किया या इसमें कोई अन्य व्यक्ति या समूह शामिल था।
पुलिस के अनुसार, नदीम को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया और दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। वीडियो फैलाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन उससे बरामद कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि नदीम हथिन, पलवल (मेवात क्षेत्र) में कपड़ों की दुकान चलाता है और खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताता था। उसने एक मदरसे में 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। बताया जाता है कि उसके पिता एक रिटायर्ड सरकारी उर्दू लेक्चरर हैं।
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नई दिल्ली जिले के ADCP मंजीत ने बताया कि आरोपी के मन में पुलिस और केंद्र सरकार के प्रति नफरत थी। पुलिस का दावा है कि इसी भावना के कारण उसने एक पुलिस अधिकारी को बदनाम करने के इरादे से AI तकनीक का इस्तेमाल करके वीडियो बनाया। हालांकि जांच जारी है; अधिकारी फंडिंग उसके पुराने सोशल मीडिया अकाउंट, वीडियो की पहुंच और दूसरों की संभावित भागीदारी जैसे पहलुओं की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी विरोध प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी या अशांति फैलाने के लिए पहले से कोई बड़ी साजिश रची गई थी।
Location : New Delhi
Published : 7 October 2026, 2:07 PM IST