देवरिया में क्यों भड़के अधिवक्ता? DM-SDM के खिलाफ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, उठाए कई बड़े सवाल

देवरिया कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शौचालय की व्यवस्था, पेशकार के स्थानांतरण, लंबित पत्रावलियों और कथित एकपक्षीय आदेशों समेत कई मुद्दों को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी दिखी। बड़ी संख्या में जुटे वकीलों ने DM-SDM के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 7 October 2026, 2:52 PM IST
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Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टरी कचहरी परिसर में आज बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा जिला प्रशासन के खिलाफ खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्टरी कक्ष के सामने जुटे और जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी सदर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान "जिला प्रशासन मुर्दाबाद", "जिलाधिकारी होश में आओ" और "उप जिलाधिकारी होश में आओ" जैसे नारे लगाए गए।

अधिवक्ताओं का नेतृत्व बार अध्यक्ष ज्ञानेश्वर मिश्रा, अजय कुमार गुप्ता और जयप्रकाश मिश्रा ने किया। प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। अधिवक्ताओं का कहना था कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

शौचालय से लेकर पेशकार के स्थानांतरण तक उठे सवाल

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कलेक्टरी कचहरी परिसर में महिला वादकारियों और महिला अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त शौचालय नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप है कि शौचालय निर्माण के लिए देवरिया सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी की ओर से धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन जिलाधिकारी स्तर से एनओसी जारी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

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इसके अलावा जिलाधिकारी न्यायालय के एक पेशकार के स्थानांतरण की मांग भी उठाई गई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि संबंधित पेशकार करीब 10 वर्षों से एक ही टेबल पर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि उन्हें किसी अन्य तहसील में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

लंबित पत्रावलियों और आदेशों को लेकर नाराजगी

अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी न्यायालय में पत्रावलियों के लंबे समय तक लंबित रहने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कुछ मामलों में पत्रावलियां करीब पांच महीने तक आदेश के इंतजार में पड़ी रहती हैं। इसके साथ ही पिछले कई महीनों से मामलों में कथित तौर पर एकपक्षीय आदेश पारित किए जाने का आरोप भी लगाया गया।

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इन सभी मुद्दों को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, "अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है।" अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Location :  Deoria

Published :  7 October 2026, 2:52 PM IST

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