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महिला आरक्षण बिल को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
New Delhi: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह "खुफिया लोगों की गुप्त योजना" जैसा प्रतीत होता है। अखिलेश यादव के इस बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने इशारों में सवाल उठाया कि सरकार इस विधेयक को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखा रही है और इसके पीछे की प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े किए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में पेश किए गए तीनों विधेयकों का कड़ा विरोध करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान की मूल भावना को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि इन विधेयकों को लागू करने से पहले देश में जाति जनगणना कराई जानी चाहिए, ताकि सभी वर्गों के लोगों का वास्तविक प्रतिनिधित्व और अधिकार सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि जब तक आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक किसी भी बड़े फैसले से सामाजिक न्याय प्रभावित हो सकता है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पेश तीनों विधेयकों का किया विरोध, कहा- सरकार संविधान को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश कर रही है। तीनों बिलों से पहले देश में कराई जाए जाति जनगणना, सभी का हक हो सुरक्षित#Samajwadiparty #Akhileshyadav @Akhileshyadav @Samajwadiparty… pic.twitter.com/qcs9ybs6hd
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अखिलेश यादव ने यह भी सवाल उठाया कि जब 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पास हो चुका था, तो उसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व तभी मिलेगा जब इसे बिना देरी के लागू किया जाए न कि इसे राजनीतिक प्रक्रिया में उलझाकर रखा जाए।
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सांसद डिंपल यादव ने भी महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है, लेकिन इसमें ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि जब तक सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर नहीं मिलेगा, तब तक यह आरक्षण अधूरा रहेगा।
लोकसभा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि क्या देश की मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी का हिस्सा नहीं हैं? #AkhileshYadav #SamajwadiParty #LokSabha #Parliament @yadavakhilesh @samajwadiparty pic.twitter.com/cwdHCaaPtf
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डिंपल यादव ने संसद में चर्चा के दौरान यह भी कहा कि महिलाओं को आरक्षण का अधिकार हमारे संविधान में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए प्रावधानों के कारण मिला है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि इसे और अधिक समावेशी बनाने की जरूरत है।
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महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संसद में जारी बहस अब केवल कानून तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के व्यापक सवालों से जुड़ गई है। विपक्ष जहां सरकार की मंशा और क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहा है, वहीं ओबीसी आरक्षण को शामिल करने की मांग भी तेजी से उठ रही है।
Location : New Delhi
Published : 16 April 2026, 11:37 AM IST