US-Iran तनाव के बीच भारत का बड़ा कदम, कोच्चि पोर्ट पर ईरानी जहाज को मिली शरण

ईरान के अनुरोध पर भारत ने ईरानी युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति दी। जहाज के 183 चालक दल को नौसैनिक सुविधाओं में ठहराया गया। IRIS Dena के डूबने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 7 March 2026, 11:16 AM IST
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New Delhi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने मानवीय और रणनीतिक दृष्टिकोण से एक अहम फैसला लेते हुए एक ईरानी युद्धपोत को दक्षिण भारत के Kochi बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति दे दी है। अधिकारियों के अनुसार, IRIS Lavan नाम का यह युद्धपोत तकनीकी समस्याओं के कारण भारत के तट पर पहुंचा और इसके 183 सदस्यीय चालक दल को नौसैनिक सुविधाओं में ठहराया गया है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना उस समय हुई है जब कुछ दिन पहले श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी फ्रिगेट पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा हमला किए जाने की खबर सामने आई थी।

इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल हुआ था युद्धपोत

बताया जा रहा है कि IRIS Lavan पिछले महीने भारत द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए इस क्षेत्र में आया था। सूत्रों के अनुसार ईरान ने 28 फरवरी को भारत से संपर्क कर जहाज को सुरक्षित बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति देने का अनुरोध किया था। इसके बाद 1 मार्च को अनुमति दी गई और जहाज 4 मार्च को कोच्चि पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि जहाज में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे बंदरगाह पर रुकना जरूरी हो गया था।

चालक दल को मिली नौसैनिक सुविधा

भारतीय नौसेना ने युद्धपोत के चालक दल को अस्थायी तौर पर कोच्चि स्थित नौसैनिक सुविधाओं में ठहराया है। सूत्रों का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री परंपराओं और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

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श्रीलंका में भी एक और ईरानी युद्धपोत को मिली शरण

इसी बीच श्रीलंका ने भी एक अन्य ईरानी युद्धपोत IRIS Bushehr को अपने बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति दी है। बताया गया कि जहाज के इंजन में खराबी आने के बाद उसने श्रीलंकाई बंदरगाह में शरण मांगी थी। इसके 208 सदस्यीय चालक दल को भी नौसैनिक शिविर में अस्थायी रूप से ठहराया गया है।

IRIS Dena के डूबने से बढ़ी चिंता

कुछ दिन पहले श्रीलंका के तट से लगभग 19 समुद्री मील दूर ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena के डूबने की खबर सामने आई थी। इस घटना में करीब 87 नाविकों की मौत की बात कही जा रही है। इस घटना के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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हिंद महासागर में बढ़ रहा तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब हिंद महासागर क्षेत्र तक दिखाई देने लगा है।

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  • New Delhi

Published : 
  • 7 March 2026, 11:16 AM IST

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