MEA Fact Check: ओमान की खाड़ी में सुरक्षित है भारतीय क्रू वाला जहाज, विदेश मंत्रालय ने साफ की पूरी तस्वीर

ओमान तट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज 'लियाकी फ्रीडम' पर हमले की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। विदेश मंत्रालय ने फैक्ट चेक जारी कर बताया कि जहाज के मास्टर से संपर्क हो गया है और सभी नाविक सुरक्षित हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 13 June 2026, 11:37 AM IST
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New Delhi: ओमान तट के पास भारतीय चालक दल (क्रू) वाले व्यावसायिक जहाज 'लियाकी फ्रीडम' से संपर्क टूटने की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर उस पर हमले को लेकर तरह-तरह की अफवाहें तेजी से तैरने लगीं। खाड़ी क्षेत्र में हालिया तनाव को देखते हुए लोगों में डर का माहौल बन गया था। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले पर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि जहाज के मास्टर से दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया गया है। जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और सोशल मीडिया पर हमले को लेकर जो भी बातें कही जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी, बेबुनियाद और भ्रामक हैं।

विदेश मंत्रालय का फैक्ट चेक: फर्जी खबरों से सावधान रहने की अपील

मामले की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक फैक्ट चेक (Fact Check) जारी किया। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'लियाकी फ्रीडम' नामक इस जहाज पर किसी भी तरह का कोई हमला नहीं हुआ है। इसके साथ ही सरकार ने आम जनता और नेटिजन्स से पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऐसी किसी भी अनवेरीफाइड और फर्जी खबर का हिस्सा न बनें, न ही उन पर भरोसा करें। किसी भी संवेदनशील मामले में केवल आधिकारिक और प्रामाणिक सूचनाओं को ही सही माना जाना चाहिए।

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आखिर क्यों और कैसे फैली हमले की अफवाह?

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के मुताबिक, असल में जहाज का वीएचएफ (VHF) रेडियो कुछ समय के लिए रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा था, यानी तकनीकी वजहों से संपर्क टूट गया था। समुद्र के बीच में अचानक कम्युनिकेशन बंद होने से जरूर चिंता बढ़ गई थी, लेकिन संगठन ने तुरंत जहाज की लोकेशन को ट्रैक किया और पाया कि वह समुद्र में पूरी तरह सुरक्षित यात्रा कर रहा था।

दरअसल, हाल के दिनों में ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले कुछ जहाजों पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं, यही वजह थी कि 'लियाकी फ्रीडम' से संपर्क कटते ही लोगों ने मान लिया कि इस पर भी कोई हमला हुआ है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा है तनाव, तीन भारतीय नाविकों की जा चुकी है जान

पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र के अशांत माहौल में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जिससे भारत सरकार बेहद गंभीर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों के पीछे अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई का हवाला दिया था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे उपद्रव के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। इस हादसे को लेकर भारत ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका के सामने जताया कड़ा विरोध

भारतीय नाविकों की मौत पर देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर भारत की तरफ से बेहद कड़ा और मुखर विरोध दर्ज कराया है। जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर कमर्शियल (व्यावसायिक) जहाजों पर इस तरह की घातक और हिंसक कार्रवाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त या उचित नहीं ठहराई जा सकती।

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'एमटी सेटेबेलो' हादसे के मृतकों के शव जल्द आएंगे भारत

आपको बता दें कि पालाऊ के ध्वज वाले जहाज 'एमटी सेटेबेलो' पर हुए पिछले हमले में तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे, जिनकी बाद में मौत होने की पुष्टि हुई। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि सरकार मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की हर संभव व्यवस्था कर रही है। राहत की बात यह है कि इस सप्ताह 'एमटी जलवीर' के इंजन रूम में आग लगने के बाद उसके पूरे क्रू को ओमान के शिनास बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया था। इसके अलावा 'एमटी मैरिवेक्स' पर हुए हमले के बाद भी उसमें सवार सभी 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था।

Location :  New Delhi

Published :  13 June 2026, 11:37 AM IST

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