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भीषण गर्मी में वोटिंग का इम्तिहान (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
New Delhi: देश में तेजी से बढ़ती गर्मी अब चुनावी प्रक्रिया के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। विश्व बैंक के अनुसार, 2030 तक भारत में 20 करोड़ से अधिक लोग अत्यधिक गर्मी से प्रभावित होंगे। इसका असर न सिर्फ स्वास्थ्य पर बल्कि रोजगार और उत्पादकता पर भी पड़ेगा। ऐसे में अप्रैल 2026 में हो रहे चुनावों के दौरान हीटवेव गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान होना है, लेकिन दोनों राज्यों में भीषण गर्मी का असर साफ दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में तापमान 37°C से 40°C तक पहुंच सकता है, जबकि कोलकाता में उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। वहीं चेन्नई में तापमान 34°C के आसपास होते हुए भी “रियलफील” 40°C से ऊपर जा रहा है। मौसम विभाग यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।
हीटवेव को देखते हुए चुनाव आयोग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के आधार पर कई कदम उठाए जा रहे हैं। मतदान केंद्रों पर शेड, पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मतदान का समय भी इस तरह निर्धारित किया गया है कि लोग तेज धूप से बच सकें।
राजनीतिक दलों के लिए भी यह समय रणनीति बदलने का है। दोपहर की रैलियों से बचते हुए सुबह और शाम के समय प्रचार पर जोर दिया जा रहा है। खुले मैदानों में बड़े कार्यक्रमों के बजाय छोटे और सुरक्षित आयोजनों को प्राथमिकता दी जा रही है। 2023 की नवी मुंबई घटना से सबक लेते हुए अब भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चुनावी तैयारी (Img- Internet)
गर्मी से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। लोगों को मतदान के दौरान पानी, छाता, टोपी और हल्के कपड़े साथ रखने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लू से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा लगातार अलर्ट और जानकारी दी जा रही है ताकि लोग सतर्क रहें।
गैर सरकारी संगठनों (NGO) की भूमिका भी इस समय महत्वपूर्ण हो जाती है। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मजदूरों को हीटवेव से बचाव की जानकारी देना जरूरी है। समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को प्राथमिक उपचार और लक्षणों की पहचान करना सिखाया जा रहा है।
चुनाव सिर्फ लोकतंत्र का उत्सव नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है। इस बार गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। मतदान केंद्रों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
Location : New Delhi
Published : 15 April 2026, 1:21 PM IST