Manipur Violence: नई सरकार के गठन के बाद फिर क्यों भड़की हिंसा? मणिपुर हाउस में भारी फोर्स तैनात; जानिये बड़े अपडेट

मणिपुर में नई सरकार का गठन हो चुका है लेकिन इसके बावजूद भी चुराचांदपुर जिले में विरोध प्रदर्शन के साथ हिंसा भड़क उठी। मणिपुर में हिंसा के बाद दिल्ली के मणिपुर हाउस में भारी फोर्स तैनात की गई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 6 February 2026, 11:44 AM IST
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New Delhi: मणिपुर की शांत वादियां एक बार फिर हिंसा और अशांति की चपेट में आती हुई प्रतीत हो रही है। मणिपुर में नई सरकार के गठन के बाद राज्य के चुराचांदपुर जिले में अचानक हिंसा और तनाव का माहौल पैदा हो गया। नई सरकार के गठन को लेकर गुरुवार शाम तुइबोंग बाजार इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद वहां हिंसा और प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया।

मणिपुर में हिंसा के बाद राजधानी दिल्ली के मणिपुर हाउस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और ऐहतियात के तौर पर यहां भारी फोर्स की तैनाती की गई है। मणिपुर हाउस के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है।

कैसे भड़का मामला?

दरअसल, मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम को स्थिति तब बिगड़ गई जब नई राज्य सरकार में उप मुख्यमंत्रियों की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। कुकी-बहुल इस जिले में नेमचा किपगेन और लोसी दिखो को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर असंतोष पनप रहा था और शाम होते-होते यह खुले संघर्ष में बदल गया।

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तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को इलाके से बाहर निकालने की कोशिश की। जब सुरक्षा बलों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया, तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को और बिगाड़ते हुए, कुछ शरारती तत्वों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए, जिससे ट्रैफिक रुक गया। पूरा इलाका जल्द ही अराजकता और तनाव में डूब गया।

बंद का किया आह्वान

इस घटना के बाद, आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने शुक्रवार सुबह 6 बजे से 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। इस बीच, कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने खुले तौर पर भड़काऊ बयान जारी किए हैं, जिससे हिंसा भड़क सकती है। इन संगठनों ने नेमचा किपगेन और अन्य विधायकों पर इनाम की घोषणा करके स्थिति को और भड़का दिया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

कुकी समुदाय के भीतर गहरी दरार

नेमचा किपगेन को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने से कुकी समुदाय के भीतर गहरी दरार सामने आई है। एक गुट ने सरकार में शामिल कुकी विधायकों पर मेइतेई समुदाय के साथ समझौता करके "धोखा" देने का आरोप लगाया है। इस संगठन ने नेमचा किपगेन सहित तीन कुकी विधायकों का सामाजिक बहिष्कार करने की भी घोषणा की है।

हालांकि, सरकार समर्थक गुट का तर्क है कि विधायकों का सरकार में शामिल होना समुदाय की सुरक्षा, स्थिरता और विकास के लिए एक आवश्यक कदम है। इस असहमति ने जिले में तनाव को और बढ़ा दिया है।

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स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया था, लेकिन शुरुआती प्रयास असफल रहे। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा बलों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। बाद में, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।

अभी दो दिन पहले ही, बीजेपी नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। उनके साथ, नागा समुदाय से ल्होसी दिखो और कुकी समुदाय से नेमचा किपगेन को उप मुख्यमंत्री बनाया गया। नेमचा किपगेन ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पद की शपथ ली, जिससे विवाद और बढ़ गया।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 6 February 2026, 11:44 AM IST

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