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गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में खालिस्तान समर्थक नारे लिखने की साजिश का भंडाफोड़, स्पेशल सेल ने पन्नू से जुड़े दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, विदेश से मिले थे निर्देश।
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New Delhi: राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक खतरनाक साजिश की परतें खुली तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। माहौल बिगाड़ने और डर का माहौल बनाने की कोशिश में लगे नेटवर्क को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते दबोच लिया। खालिस्तान समर्थक नारे लिखकर शहर की शांति भंग करने की इस साजिश के तार विदेश में बैठे आतंकी हैंडलर से जुड़े पाए गए हैं, जिसने देश की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले दिन को निशाना बनाने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने सिख फॉर जस्टिस से जुड़े आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बलजिंदर और रोहित उर्फ कीर्थ के रूप में हुई है। बलजिंदर दिल्ली में एम्बुलेंस ड्राइवर है, जबकि रोहित उसका करीबी साथी बताया जा रहा है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले दिल्ली की दो अलग अलग जगहों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे।
विदेश से रची गई साजिश
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह पूरी साजिश कनाडा में बैठकर रची गई थी। सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू इन दोनों के सीधे संपर्क में था। पन्नू ने सार्वजनिक जगहों पर नारे लिखकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और शहर में अशांति फैलाने के बदले उन्हें 2 लाख रुपये देने का लालच दिया था। जांच में सामने आया है कि पन्नू का एक करीबी सहयोगी इन दोनों के लिए हैंडलर की भूमिका निभा रहा था।
एन्क्रिप्टेड ऐप से संपर्क
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हैंडलर के संपर्क में थे। इसी माध्यम से उन्हें निर्देश दिए गए और जगहों की पहचान करवाई गई। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल कर आतंकी नेटवर्क अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं।
पूछताछ में बड़े खुलासे
पूछताछ के दौरान बलजिंदर ने कबूल किया कि उसे पैसों के साथ हथियारों की मदद का भी लालच दिया गया था। वहीं रोहित ने रेकी करने और नारे लिखने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अब दोनों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पन्नू के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके और भविष्य में किसी बड़ी वारदात को रोका जा सके।
आगे की कार्रवाई
स्पेशल सेल की टीमें इस केस में विदेशी कनेक्शन, फंडिंग और डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।