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गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। लखनऊ से लौट रही थार गाड़ी नीलगाय से टकराकर डिवाइडर से भिड़ी और खाई में जा गिरी। हादसे में नगर पंचायत परतावल के अध्यक्ष प्रतिनिधि सतीश मद्धेशिया समेत पांच लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चेयरमैन प्रतिनिधि समेत 5 घायल
Maharajganj: जिले से सटे गोरखपुर जनपद के गुलरिहा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरगदही शिव मंदिर के पास गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार थार वाहन सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार नगर पंचायत परतावल के अध्यक्ष प्रतिनिधि सतीश मद्धेशिया लखनऊ से गोरखपुर की ओर लौट रहे थे। उनके साथ व्यापार मंडल परतावल के पदाधिकारी और सहयोगी भी वाहन में सवार थे। देर रात होने और सड़क अपेक्षाकृत खाली होने के कारण वाहन सामान्य गति से आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक सड़क पर एक नीलगाय आ गई।
नीलगाय के अचानक सामने आने से चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और थार गाड़ी उससे जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन अनियंत्रित हो गया। पहले वह सड़क के डिवाइडर से टकराया और फिर पलटते हुए सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसमें सवार सभी लोग घायल अवस्था में फंसे हुए थे।
स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ से सभी घायलों को वाहन से बाहर निकाला गया। हादसे में सतीश मद्धेशिया के अलावा व्यापार मंडल परतावल के बलराम गुप्ता, देवराज, धीरज और कमालुद्दीन घायल हुए हैं। सभी को तुरंत गोरखपुर स्थित सिसौदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और क्षेत्रीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां भीड़ जुट गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गुलरिहा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर अचानक नीलगाय के आ जाने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की आवाजाही पहले भी दुर्घटनाओं का कारण बन चुकी है। इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या पर सवाल खड़े हो गए हैं।