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दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के गड्ढे में गिरने से बाइक सवार कमल की मौत हो गई। बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी के छोड़े गए गड्ढे ने एक परिवार उजाड़ दिया। पुलिस जांच में जुटी, परिजन लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
जनकपुरी में जल बोर्ड का गड्ढा बना मौत का कारण (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Delhi: दिल्ली में एक बार फिर सरकारी लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला अभी लोगों के जेहन से उतरा भी नहीं था कि राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में वैसा ही दर्दनाक हादसा सामने आ गया। जल बोर्ड से जुड़े काम के दौरान खोदे गए गहरे गड्ढे में बाइक सवार युवक गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल के रूप में हुई है। कमल रोहिणी स्थित अपने दफ्तर से देर रात बाइक से घर लौट रहा था। रास्ता सामान्य लग रहा था, लेकिन सड़क किनारे मौजूद एक गहरा गड्ढा उसकी जिंदगी का आखिरी मोड़ बन गया। आरोप है कि इस गड्ढे के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे अंधेरे में युवक को खतरे का अंदाजा नहीं हो पाया।
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कमल के देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने पहले फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद वे उसे ढूंढते हुए जनकपुरी, सागरपुर, विकासपुरी और रोहिणी समेत कई थानों के चक्कर लगाते रहे। परिवार का आरोप है कि पूरी रात उन्हें कहीं से भी कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस का फोन आया, जिसके बाद उन्हें हादसे की जानकारी मिली। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस के अनुसार, जनकपुरी इलाके में सड़क किनारे यह गड्ढा जल बोर्ड से जुड़े काम के दौरान खोदा गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। न बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही कोई चेतावनी संकेत। परिवार का आरोप है कि अगर सुरक्षा के इंतजाम होते तो कमल की जान बचाई जा सकती थी। परिजन इस मामले में जल बोर्ड की सीधी लापरवाही मान रहे हैं।
परिवार ने इसे सिर्फ हादसा मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिस तरह कमल अपनी बाइक के साथ गड्ढे में मिला, वह कई सवाल खड़े करता है। परिजन हत्या की आशंका भी जता रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि हर एंगल से जांच की जाएगी।
यह हादसा हाल ही में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुई घटना की याद दिलाता है, जहां पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। उस मामले में भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम न होने के आरोप लगे थे। दोनों घटनाएं साफ तौर पर दिखाती हैं कि निर्माण और मरम्मत कार्यों में सुरक्षा को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
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पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि गड्ढा किस एजेंसी ने खोदा था और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें खोदकर छोड़ दी जाती हैं और कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। अब सवाल यही है कि क्या इस बार दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या एक और मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।