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देहरादून–पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर तकनीकी खराबी से चलती कार अचानक रुक गई। पीछे से आई बाइक कार से टकरा गई, जिसमें दो मजदूर गंभीर घायल हुए। ग्रामीणों की तत्परता से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।
हाईवे पर पलभर में तबाही
Dehradun: राजधानी देहरादून से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। देहरादून–पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर कल्याणपुर के पास देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार अचानक बीच सड़क पर तकनीकी खराबी के चलते रुक गई। कार के अचानक रुकते ही पीछे से आ रही मोटरसाइकिल उसे संभाल नहीं सकी और तेज रफ्तार में कार के पिछले हिस्से से जा टकराई।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कार में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। बताया जा रहा है कि वाहन का पहिया या ब्रेक सिस्टम जाम हो गया, जिससे कार चलती हालत में ही पत्थर की तरह सड़क पर थम गई। इस अप्रत्याशित रुकावट ने पीछे से आ रही बाइक को प्रतिक्रिया का मौका तक नहीं दिया और कुछ ही पलों में भीषण टक्कर हो गई।
हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। बाइक पर सवार दोनों मजदूर हवा में उछलकर सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में घायल दोनों मजदूर बुरी तरह लहूलुहान हो गए। सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आने से उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। मौके पर मौजूद लोग कुछ पल के लिए सहम गए, लेकिन इसके बाद मदद के लिए दौड़ पड़े।
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इस दर्दनाक हादसे में मानवता की मिसाल भी देखने को मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और समाजसेवी मदद के लिए आगे आए। पूर्व ग्राम प्रधान शराफत अली और समाजसेवी हुसैन ने बिना किसी देरी के एंबुलेंस का इंतजार किए बिना अपने निजी वाहन से दोनों घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। उनकी तत्परता के कारण घायलों को समय पर इलाज मिल सका।
तकनीकी खराबी से रुकी कार
हादसे की सूचना पर 108 एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन उससे पहले ही ग्रामीण घायल मजदूरों को अस्पताल ले जा चुके थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
फिलहाल दोनों घायल मजदूरों का एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
देहरादून–पांवटा साहिब हाईवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर वाहनों की नियमित मेंटेनेंस और तेज रफ्तार के खतरे को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वाहन की तकनीकी जांच समय-समय पर न कराई जाए, तो ऐसी खराबियां किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात को सामान्य कराया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कार में तकनीकी खराबी का असली कारण क्या था और क्या इसमें लापरवाही की कोई भूमिका है।
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यह हादसा सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति के लिए एक चेतावनी है। केवल रफ्तार पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि वाहन की तकनीकी स्थिति को दुरुस्त रखना भी उतना ही जरूरी है। साथ ही, समाजसेवियों और ग्रामीणों की तत्परता ने यह साबित कर दिया कि संकट के समय इंसानियत आज भी जिंदा है।