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पौड़ी जिले के कोट ब्लॉक में गुलदार ने एक व्यक्ति को नोंच- नोंचकर खा लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। लोग वन विभाग से मांग कर रहे हैं कि गुलदार को आदमखोर घोषित कर तुरंत मार दिया जाए।
पौड़ी में गुलदार का हमला (Img: Google)
Pauri Garhwal: उत्तराखंड में जंगली जीवों के हमलों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ये खूंखार जीव आए दिन इंसानी बस्तियों में आकर लोगों की जानें ले रहे हैं। इस बीच पौड़ी जिले में गुलदार के हमले में 45 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। गुलदार व्यक्ति को घसीटते हुए ले गया और फिर नोंच-नोंचकर खा लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैली हुई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, चिवालू जामलाखाल निवासी प्रकाश लाल मिस्त्री का काम करते थे। सोमवार की शाम को वे कोट ब्लॉक के बालमाणा गांव से काम करके अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पटवारी चौकी के पास घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला। गुलदार उन्हें सड़क से नीचे घसीटकर ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार प्रकाश लाल सोमवार देर रात तक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों और ग्रामीणों को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने आसपास के इलाके में उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद मंगलवार की सुबह उनका शव मिल पाया। शव की हालत देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई, क्योंकि गुलदार ने शरीर का आधा हिस्सा नोंचकर खा लिया था।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ सख्त आक्रोश है। ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर गोली मारने की मांग की। लोगों ने मौके पर पहुंचे रेंजर नक्षत्र लव शाह और तहसीलदार दीवान सिंह राणा समेत वन विभाग और प्रशासन के कर्मचारियों को पंचायत भवन में करीब एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा।
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ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से बातचीत और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही उन्हें छोड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से गुलदार का आतंक है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानीय लोगों के आक्रोश का कारण यह भी है कि इससे पहले 14 जनवरी को भी जामलाखाल क्षेत्र के बाड़ा गांव में गुलदार ने एक नेपाली मजदूर को अपना शिकार बनाया था। लोगों के मुताबिक उस समय ही गुलदार को मार दिया जाता तो, आज दूसरी जान नहीं जाती।