हिंदी
भीमताल के सूर्याजाला में एक महिला पर वन्यजीव के हमले से मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई है। वन विभाग ने हमलावर की पहचान के लिए डीएनए जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जंगल से निकला ‘खूनी साया’
Nainital: भीमताल क्षेत्र के सूर्यागांव के नजदीक तोक सूर्याजाला में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां घास लेने गई एक महिला पर अचानक वन्यजीव ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला रोज़ की तरह जंगल की ओर घास लेने गई थी। इसी दौरान अचानक घात लगाए बैठे किसी जंगली जानवर ने उस पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज और खतरनाक था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग डर के साए में जीने को मजबूर हो गए हैं। शनिवार को भारी गमगीन माहौल के बीच ग्रामीणों ने महिला का अंतिम संस्कार किया।
घटना के तुरंत बाद वन विभाग हरकत में आ गया। नैनीताल के डीएफओ आकाश गंगवार खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। वन विभाग ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हमलावर जानवर को पकड़ने के लिए तीन पिंजरे लगाए गए हैं और करीब 25 ट्रैप कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
भीमताल की शांति भंग करने वाले अवैध हूटर पर पुलिस हुई सक्रिय, वाहन से साउंड सिस्टम हटाकर चालान किया
हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह हमला किसने किया- बाघ या तेंदुआ? इसकी सटीक जानकारी के लिए घटनास्थल से जुटाए गए सैंपल्स को देहरादून भेजा गया है, जहां डीएनए जांच के जरिए हमलावर की पहचान की जाएगी।
इलाके में करीब 50 से अधिक वनकर्मियों को गश्त पर लगाया गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारे की आपूर्ति बढ़ा दी गई है ताकि लोग जंगल की ओर कम जाएं। साथ ही रात के समय रोशनी की व्यवस्था के लिए सोलर लाइटें भी लगाई जा रही हैं, जिससे किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने वन विभाग से मांग की है कि हमलावर वन्यजीव को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और गश्त लगातार जारी रखी जाए। वहीं कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने भी विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाए और हमलावर को पकड़ने में कोई लापरवाही न बरती जाए।
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ट्रैंकुलाइजेशन के लिए तैनात कर दी गई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाती, तब तक कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल या सुनसान रास्तों पर न जाए।