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उत्तराखंड में जंगल की आग का तांडव (Img- Internet)
Chamoli: उत्तराखंड के पहाड़ों में जंगलों की आग (फॉरेस्ट फायर) लगातार जानलेवा साबित हो रही है। ताजा मामला आदिबदरी तहसील के अंतर्गत बूंगा नामक गांव से सामने आया है, जहाँ बदाढ़गाड जंगल में मंगलवार दोपहर से भीषण आग लगी हुई थी। इस आग की चपेट में आने से गांव की एक 50 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। वहीं, एक अन्य घटना में नारायणबगड़ के रेस चोपता गांव में भी एक महिला जंगल की आग में बुरी तरह झुलस गई है।
ग्रामीण पुष्कर लाल से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब सात बजे बूंगा गांव के रहने वाले मदन लाल की पत्नी सुरेशी देवी (50 वर्ष) अपने घर से महज 200 मीटर दूर स्थित गौशाला की तरफ जा रही थीं। इसी दौरान वह बदाढ़गाड जंगल से आबादी की तरफ बढ़ी आग की लपटों के बीच फंस गईं। उस समय पहाड़ पर बहुत तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को पल भर में भयानक रूप दे दिया। तेज हवाओं के कारण सुरेशी देवी खुद को संभाल नहीं पाईं और आग की लपटों में घिरकर बुरी तरह झुलस गईं।
आग की लपटों के बीच गंभीर रूप से जलने पर जब महिला दर्द से चिल्लाई, तो उनकी आवाज सुनकर गांव के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद किसी तरह उन्हें धधकती आग के बीच से बाहर निकाला और घर लेकर आए। ग्रामीण जब तक झुलसी हुई महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्होंने जख्मों का ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इस दर्दनाक हादसे की सूचना रात को ही क्षेत्रीय पटवारी और वन विभाग के अधिकारियों को दे दी थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम रात में ही मौके पर पहुंच गई थी।
जंगल की आग से हादसे का यह अकेला मामला नहीं है। चमोली जिले के ही नारायणबगड़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले रेस चोपता गांव में भी जंगल की आग ने विकराल रूप ले लिया। यहाँ भी एक महिला कश्मीरा देवी जंगल की आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गईं। आनन-फानन में उन्हें रेस्क्यू कर कर्णप्रयाग के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ फिलहाल उनका उपचार चल रहा है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Location : Chamoli
Published : 27 May 2026, 10:27 AM IST