हिंदी
आस्था के केंद्र में बड़ा खेल (Img- Pinterest)
Dehradun: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भगवान बदरी विशाल के चरणों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान-चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
इस पूरे प्रकरण में विभागीय जांच पूरी होने के बाद अब एक ऐसा सच सामने आया है जिसने मंदिर प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक के होश उड़ा दिए हैं। जांच में सामने आया है कि वारदात को छुपाने के लिए मंदिर परिसर के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है।
इस पूरे महाघोटाले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जांच टीम को सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान भारी गड़बड़ी मिली। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने शुरुआत में दावा किया था कि दान गणना कक्ष की पूरे 45 दिनों की फुटेज पूरी तरह सुरक्षित है।
लेकिन जब उच्च स्तरीय जांच टीम ने रिकॉर्डिंग की पड़ताल की, तो उनके हाथ सिर्फ 13 दिनों की फुटेज ही लग पाई। बाकी के 32 दिनों की महत्वपूर्ण फुटेज गायब यानी डिलीट कर दी गई थी। इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि मामले में किसी बड़े सिंडिकेट का हाथ है, जिसने अपने पापों को छुपाने के लिए सबूतों को ही मिटा दिया।
जांच में मिले 13 दिनों के फुटेज ने ही आरोपियों की काली करतूतों का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। सीसीटीवी कैमरे में साफ देखा जा सकता है कि जब दान-चढ़ावे की गिनती हो रही थी, तब बेहद चालाकी से 500-500 रुपये के नोटों के बंडल और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कीमती सोने-चांदी के आभूषणों को मुख्य मंदिर से बाहर ले जाया गया। इस मामले के मुख्य आरोपी और वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को महज पांच दिनों के भीतर आठ बार दान-चढ़ावे की रकम में हेराफेरी करते हुए कैमरे में रंगे हाथों पकड़ा गया है।
32 दिनों की फुटेज गायब होने के बाद मंदिर समिति के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि मंदिर के कई अन्य रसूखदार अधिकारी और कर्मचारी भी इस पाप में बराबर के हिस्सेदार हैं, जिन्हें बचाने के लिए ही डिजिटल सबूत मिटाए गए।
अब मामले की गहराई से तफ्तीश के लिए डीवीआर (DVR) को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों (Cyber Experts) की मदद ली जा रही है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्ध अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय साधु-संतों और कुछ श्रद्धालुओं को जांच के दायरे में लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) ने मंदिर समिति से सभी आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है और बदरीनाथ स्थित उसके निजी आवास को भी पुलिस की निगरानी में ले लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जैसे ही डिलीट की गई 32 दिनों की फुटेज रिकवर होगी, इस पवित्र धाम को कलंकित करने वाले कई बड़े और सफेदपोश चेहरों से नकाब उतरना तय है।
Location : Dehradun
Published : 13 July 2026, 11:29 AM IST