महाराष्ट्र में रिश्तों का कत्ल: सगे दादा और चचेरे भाई ने 15 साल की मासूम से की दरिंदगी

महाराष्ट्र के बीड में 15 वर्षीय नाबालिग से उसके सगे दादा और चचेरे भाई द्वारा दरिंदगी का मामला सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अस्पताल प्रशासन पर पीड़िता की मेडिकल जांच में 10 घंटे की देरी करने का गंभीर आरोप लगा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 May 2026, 5:19 PM IST
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Mumbai: महाराष्ट्र के बीड जिले से रिश्तों को कलंकित और इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिस घर और परिवार में एक नाबालिग बेटी खुद को सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करती है, उसी चौखट के भीतर उसके साथ अपनों ने ही हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।

आरोप है कि एक 15 साल की मासूम बच्ची के साथ उसके ही सगे दादा और चचेरे भाई ने लंबे समय तक दुष्कर्म किया। इस घिनौने कृत्य की जानकारी जब सामने आई, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

डरा-धमकाकर करते रहे शोषण

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह प्रताड़ना काफी समय से जारी थी। जब वह खेत में बकरियां चराने जाती थी, तो उसका चचेरा भाई उसे अकेला पाकर लगातार उसके साथ जबरदस्ती करता था। हद तो तब हो गई जब घर में कोई नहीं होता था, तो उसके सगे दादा ने भी पोती के साथ दरिंदगी की।

आरोपियों ने मासूम को जान से मारने की धमकी देकर उसका मुंह बंद रखा था। वह अपने ही घर में खौफ और गहरे मानसिक तनाव में जीने को मजबूर थी। लेकिन जब शारीरिक तकलीफ असहनीय हो गई, तो उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहाँ मासूम ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और इस खौफनाक सच का खुलासा हुआ।

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सुबह 5 बजे दर्ज हुई एफआईआर

शिकायत के मुताबिक, चचेरे भाई की बर्बरता इस हद तक थी कि उसने वारदात के दौरान लड़की के हाथ बांध दिए थे और चिल्लाने पर मुंह में रुमाल ठूंस दिया था। डॉक्टर के सामने खुलासा होने के बाद सहमा हुआ परिवार न्याय की गुहार लेकर तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचा। आरोप है कि गंभीर मामला होने के बावजूद परिवार को पूरी रात थाने में काटनी पड़ी और अगले दिन सुबह करीब 5 बजे जाकर पुलिस ने मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मेडिकल जांच में 10 घंटे की लापरवाही

इस संवेदनशील मामले में पुलिसिया सुस्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता भी खुलकर सामने आई। सुबह 5 बजे केस दर्ज होने के बाद पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल भेजा गया, जहां परिवार सुबह 11 बजे ही पहुंच गया था। लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि कोई महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) ड्यूटी पर मौजूद नहीं है।

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हद तो तब हो गई जब पीड़िता और उसका परिवार अस्पताल परिसर में 10 घंटे तक भटकता रहा और रात 9 बजे तक भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाई। प्रशासन की इस घोर लापरवाही ने पीड़िता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

Location :  Mumbai

Published :  29 May 2026, 5:19 PM IST

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