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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: सोमवार की सुबह से लेकर शनिवार की शाम तक हम सभी एक ऐसी भागदौड़ भरी जिंदगी जीते हैं, जहां आराम के लिए वक्त निकालना नामुमकिन सा लगता है। ऑफिस के प्रोजेक्ट्स, डेडलाइंस और घर की अंतहीन जिम्मेदारियों को पूरा करते-करते हम न सिर्फ शारीरिक रूप से टूट जाते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह थक जाते हैं।
इस थकावट के बाद हम सब बड़ी बेसब्री से वीकेंड का इंतजार करते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग वीकेंड के कीमती समय को या तो दिनभर सोने में या फिर बिस्तर पर पड़े-पड़े सोशल मीडिया की रील्स स्क्रॉल करने में बर्बाद कर देते हैं।
नतीजा यह होता है कि सोमवार को दोबारा काम पर जाते समय हम खुद को और ज्यादा थका हुआ महसूस करते हैं। अगर आप सच में इस वीकेंड खुद को एकदम फ्रेश और एनर्जेटिक बनाना चाहते हैं, तो आपको 'वीकेंड थेरेपी' के ये 6 आसान तरीके जरूर आजमाने चाहिए।
पूरे हफ्ते सुबह जल्दी उठने की हड़बड़ी में हमारी नींद का चक्र (स्लीप साइकिल) पूरी तरह बिगड़ जाता है, जिससे आंखों और सिर में भारीपन रहता है। वीकेंड पर आप अपनी इस अधूरी नींद को जरूर पूरा करें, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप दोपहर के 12 बजे तक बिस्तर पर ही पड़े रहें।
जरूरत से ज्यादा सोने से शरीर में सुस्ती और थकान कम होने के बजाय और बढ़ जाती है। आप अपने रोज के जागने के समय से केवल एक या दो घंटा ज्यादा सो सकते हैं। यह गहरी और सुकून भरी नींद आपके दिमाग की नसों को शांत करेगी और आपको मानसिक शांति देगी।
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आज के डिजिटल युग में हमारी आंखें और दिमाग हर समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन से घिरे रहते हैं। ऑफिस के ई-मेल्स और सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन हमारे दिमाग को कभी शांत होने ही नहीं देते। इसलिए, वीकेंड पर कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए अपने स्मार्टफोन को खुद से पूरी तरह दूर कर दें। जब आप इस स्क्रीन से दूरी बनाएंगे, तो आपकी आंखों को तो आराम मिलेगा ही, साथ ही आपके दिमाग का स्ट्रेस हार्मोन भी तेजी से कम होगा।
कंक्रीट की बनी ऊंची इमारतों और बंद कमरों के एसी (AC) से बाहर निकलकर थोड़ी ताजी और साफ ऑक्सीजन लेना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। वीकेंड की सुबह या शाम को अपने घर के किसी नजदीकी पार्क में जाएं। वहां हरी घास पर थोड़ी देर नंगे पैर चलें, रंग-बिरंगे पौधों को देखें और लंबी सांसें लें। नेचर के बीच समय बिताने से शरीर में 'हैप्पी हार्मोन्स' बढ़ते हैं, जिससे डिप्रेशन, एंग्जायटी और तनाव मिनटों में गायब हो जाते हैं।
काम के दबाव में हम अक्सर उन हॉबीज (शौक) को पीछे छोड़ देते हैं जो कभी हमें अंदर से खुशी देती थीं। इस वीकेंड अपने उस पुराने शौक को दोबारा जीने की कोशिश करें। चाहे वह पेंटिंग करना हो, कोई अच्छी मोटिवेशनल किताब पढ़ना हो, गार्डनिंग करना हो या फिर अपना पसंदीदा म्यूजिक सुनना हो। जब आप अपनी पसंद का रचनात्मक काम करते हैं, तो दिमाग का सारा तनाव अपने आप दूर हो जाता है और आप सकारात्मक ऊर्जा से भर जाते हैं।
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लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने से मांसपेशियों में खिंचाव और बदन दर्द की समस्या आम हो जाती है। शरीर की इस थकावट को मिटाने के लिए आप वीकेंड पर हल्के गुनगुने तेल से शरीर की मालिश कर सकते हैं या गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं। इसके अलावा, एक टब में गुनगुना पानी लेकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालें और थोड़ी देर पैर डुबोकर बैठें। इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हफ्तेभर का शारीरिक दर्द पल भर में गायब हो जाता है।
Location : New Delhi
Published : 13 June 2026, 2:55 PM IST