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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Life Style: पीरियड्स शुरू होने से पहले या शुरुआती दिनों में कई महिलाओं को अचानक चॉकलेट, मिठाई या दूसरी मीठी चीजें खाने का मन करने लगता है। कभी-कभी यह क्रेविंग इतनी तेज होती है कि मन को शांत करने के लिए कुछ मीठा खाना जरूरी सा महसूस होने लगता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
इसके पीछे सिर्फ स्वाद की पसंद नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले कई बदलाव भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
मासिक धर्म चक्र के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स के स्तर में बदलाव होता है। खासकर पीरियड्स से पहले इन हार्मोन्स में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर मूड, भूख और खाने की इच्छा पर पड़ सकता है।
इसके अलावा सेरोटोनिन जैसी मूड से जुड़ी रासायनिक गतिविधियों में बदलाव भी मीठी चीजों की इच्छा को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से पीरियड्स के आसपास कुछ महिलाओं को सामान्य दिनों की तुलना में मीठा ज्यादा पसंद आने लगता है।
पीरियड्स के आसपास शरीर की ऊर्जा जरूरतों और भूख में बदलाव महसूस हो सकता है। ऐसे में शरीर जल्दी ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो सकता है।
चॉकलेट और दूसरी मीठी चीजों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को जल्दी ऊर्जा देते हैं। यही वजह है कि थकान या लो एनर्जी महसूस होने पर इन चीजों की क्रेविंग और ज्यादा महसूस हो सकती है।
चॉकलेट में शुगर के अलावा फैट और कोको से जुड़े कई कंपाउंड होते हैं। खासकर डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम भी पाया जाता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पीरियड्स के दौरान हर महिला में इन पोषक तत्वों की कमी ही चॉकलेट की क्रेविंग का कारण होती है।
चॉकलेट का स्वाद, उसकी खुशबू और उससे मिलने वाला आनंद भी क्रेविंग को बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है।
पीरियड्स से पहले और दौरान मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं कुछ महिलाओं में देखने को मिलती हैं। मीठी चीजें खाने से थोड़े समय के लिए अच्छा महसूस हो सकता है। यही अनुभव दोबारा चॉकलेट खाने की इच्छा को बढ़ा सकता है।
हालांकि, ज्यादा मात्रा में चॉकलेट या मीठा खाने से बाद में सुस्ती और ऊर्जा में गिरावट महसूस हो सकती है। इसलिए संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर है।
Location : New Delhi
Published : 15 August 2026, 2:55 PM IST
Topics : Health News Menstrual Health Women Health