हंसते-हंसते खो बैठते हैं दिमाग का नियंत्रण! जानिए क्यों आता है ‘लाफिंग सीजर’ और कैसे एम्स के डॉक्टरों ने ढूंढा इलाज

बिना किसी बात के अचानक जोर-जोर से हंसना कोई मजाक या शरारत नहीं, बल्कि 'जेलास्टिक सीजर' यानी लाफिंग एपिलेप्सी नाम की दिमागी बीमारी का लक्षण हो सकता है। जानिए इस दुर्लभ मिर्गी के कारण, लक्षण और इलाज की पूरी जानकारी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 26 July 2026, 2:05 PM IST
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New Delhi: आमतौर पर हंसने को सेहत के लिए सबसे अच्छी दवा माना जाता है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि बिना किसी खुशी या मजाक के अचानक जोर-जोर से हंसना किसी गंभीर दिमागी बीमारी का इशारा भी हो सकता है? मेडिकल साइंस में इस स्थिति को 'जेलास्टिक सीजर' या 'लाफिंग एपिलेप्सी' कहा जाता है।

इसमें मरीज अचानक खिलखिलाकर हंसने लगता है, जबकि उसके मन में न तो कोई खुशी का भाव होता है और न ही वह अपनी इस हंसी पर नियंत्रण रख पाता है। अक्सर आसपास के लोग इसे मरीज का अच्छा मूड, मस्ती या अजीब आदत समझकर अनदेखा कर देते हैं, जिससे इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं हो पाता।

आखिर क्या है जेलास्टिक सीजर और कैसे आता है दौरा?

जेलास्टिक सीजर दरअसल मिर्गी का एक बेहद दुर्लभ प्रकार है, जिसे फोकल सीजर कहा जाता है। सामान्य दौरों में जहां पूरा दिमाग प्रभावित होता है, वहीं फोकल सीजर दिमाग के किसी एक विशिष्ट हिस्से में होने वाली असामान्य इलेक्ट्रिकल गतिविधि (Electrical Activity) के कारण आता है।

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आंकड़ों के मुताबिक, यह समस्या मिर्गी के कुल मरीजों में से 0.8% से भी कम लोगों में देखी जाती है। यह दौरा आमतौर पर 30 से 60 सेकंड तक रहता है, लेकिन कुछ मरीजों को दिनभर में कई बार ऐसे दौरे आ सकते हैं। इस दौरान मरीज को सीने में अजीब घबराहट या डर महसूस हो सकता है, लेकिन बाहर से देखने वालों को सिर्फ उसकी हंसी ही दिखाई देती है।

जानिए इसके मुख्य कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग एक-तिहाई मामलों में इस बीमारी की मुख्य वजह 'हाइपोथैलेमिक हैमार्टोमा' होती है। यह दिमाग के हाइपोथैलेमस हिस्से में जन्मजात होने वाली एक गैर-कैंसर (Non-Cancerous) गांठ होती है। हाइपोथैलेमस शरीर के तापमान, हार्मोन संतुलन, नींद और भूख-प्यास को नियंत्रित करता है।

जब इस हिस्से में गड़बड़ी आती है, तो दिमाग से गलत संदेश जाने लगते हैं और हंसी का दौरा शुरू हो जाता है। इसके अलावा, दिमाग के फ्रंटल या टेम्पोरल लोब में किसी खराबी या फिर किसी गंभीर ब्रेन इंफेक्शन के कारण भी यह बीमारी पनप सकती है।

एम्स जोधपुर की सफलता से जागी नई उम्मीद

इस बीमारी को लेकर अच्छी खबर यह है कि आधुनिक मेडिकल साइंस में इसका इलाज संभव है। एम्स (AIIMS) जोधपुर के डॉक्टरों ने मिनिमली इनवेसिव ब्रेन प्रोसीजर (Minimally Invasive Brain Procedure) के जरिए लाफिंग सीजर से पीड़ित चार बच्चों का सफल इलाज कर उन्हें पूरी तरह ठीक किया है।

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यदि आपके आसपास भी कोई व्यक्ति बिना किसी वजह के अचानक बार-बार जोर से हंसने लगे, तो इसे मजाक न समझें। यह दिमाग से जुड़ी एक मेडिकल कंडीशन हो सकती है, जिसकी पहचान तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से कराकर समय पर इलाज शुरू किया जाना बेहद जरूरी है।

Location :  New Delhi

Published :  26 July 2026, 2:05 PM IST

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