4 साल के मासूमों का 5-5 लाख में सौदा! दिल्ली की नर्स निकली बच्चों की तस्करी गैंग की कड़ी, खरीदारों का भी खुलासा

संभल में बच्चों के अपहरण और तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। असमोली थाना पुलिस ने दिल्ली की एक नर्स समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक चार-चार साल के दो बच्चों का सौदा पांच-पांच लाख रुपये में किया गया था। गिरोह में शामिल महिला कथित तौर पर हाईप्रोफाइल सोसाइटी में फर्जी माता-पिता खड़े कर बच्चों को बिना वैध गोद लेने की प्रक्रिया के बेचने में मदद करती थी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 15 August 2026, 2:43 PM IST
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Sambhal: संभल में बच्चों के अपहरण और फिर उन्हें बेचने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस भी हैरान है। मामला असमोली थाना क्षेत्र का है, जहां कुछ ही दिनों के अंतराल में मेले से दो चार वर्षीय बच्चों के गायब होने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो मामला सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे बच्चों की खरीद-फरोख्त का पूरा नेटवर्क सामने आ गया।

चार अगस्त को गायब हुआ था उवैस

संभल के गांव ओबरी में चार अगस्त को मेला लगा था। इसी मेले में गांव निवासी सलमान का चार वर्षीय बेटा उवैस परिवार से बिछड़ गया। काफी तलाश के बाद जब बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच 8 अगस्त को हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बराही गांव निवासी नाजिर हुसैन का चार वर्षीय बेटा सुलेमान भी मेले से गायब हो गया।

रिश्तेदार ने ही कराया था बच्चे का अपहरण

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शुक्रवार को बहजोई स्थित कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उवैस के अपहरण में उसके रिश्ते के साले सलमान उर्फ सुल्तान और उसकी पत्नी साजिया की भूमिका सामने आई है। दोनों रामपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र के ऊधमपुरा गांव में रहते हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ और जांच में सामने आया कि बच्चे को अपहरण करने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया गया। इसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया।

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80 किलोमीटर तक खंगाले गए CCTV कैमरे

बच्चों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली। पुलिस टीम ने करीब 80 किलोमीटर के दायरे में लगे कैमरों की फुटेज को जांचा। जांच के दौरान पुलिस को एक बाइक और एक कार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इन दोनों वाहनों को ट्रेस करते हुए पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरोह के सदस्यों की पहचान की गई।

पांच-पांच लाख में हुआ था दोनों बच्चों का सौदा

पुलिस के खुलासे के मुताबिक इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात बच्चों की कीमत सामने आना है। पुलिस का दावा है कि दोनों चार वर्षीय बच्चों का पांच-पांच लाख रुपये में दूसरे परिवारों से सौदा तय किया गया था। पहले बच्चे उवैस को दिल्ली की कोमल और वंदना जैन को कथित तौर पर 2 लाख 40 हजार रुपये में दिया गया था। इसके बाद दोनों महिलाओं ने बच्चे को आगे पांच लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था।

दिल्ली की नर्स निकली गिरोह की अहम कड़ी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के शिव विहार निवासी कोमल भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि कोमल दिल्ली के एक आईवीएफ क्लीनिक में नर्स के तौर पर काम करती है। जांच में पुलिस को पता चला कि आईवीएफ क्लीनिक में ऐसे कई परिवार आते हैं, जिन्हें संतान नहीं होती। पुलिस के मुताबिक इसी संपर्क का फायदा उठाकर गिरोह कथित तौर पर बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था।

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हाईप्रोफाइल सोसाइटी में फर्जी माता-पिता का खेल

इस मामले में वंदना जैन की भूमिका भी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि वह हाईप्रोफाइल सोसाइटी में फर्जी माता-पिता खड़े कर बच्चों को बेचने में मदद करती थी। बताया जा रहा है कि बच्चों को वैध गोद लेने की प्रक्रिया के बजाय कथित तौर पर सीधे दूसरे परिवारों को सौंप दिया जाता था। इस तरह बच्चों की पहचान और उनके वास्तविक माता-पिता से जुड़ी जानकारी छिपाने की कोशिश की जाती थी।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने इस मामले में ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अशरफपुर निवासी फरीद, मुरादाबाद के कुंदरकी क्षेत्र के सादात निवासी फैसल, पाकबड़ा निवासी शमशाद, दिल्ली के शिव विहार निवासी कोमल, नंदनगरी निवासी वंदना जैन और करावल नगर निवासी गुड्डी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए गिरोह की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

पहले भी बच्चों को बेचने का शक

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह पहले भी बच्चों को बेचने की गतिविधियों में शामिल रहा है। ऐसे में पुलिस पुराने मामलों को भी खंगाल रही है। जांच का दायरा अब संभल से निकलकर दिल्ली और आसपास के इलाकों तक पहुंच गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आईवीएफ क्लीनिक से जुड़े संपर्कों के जरिए कितने परिवारों तक गिरोह की पहुंच थी।

Location :  Sambhal

Published :  15 August 2026, 2:43 PM IST

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