Skin Cancer: स्किन कैंसर का यह खतरनाक रूप चुपके से बना रहा है शिकार, जानिए त्वचा का कौन सा बदलाव है मौत का संकेत

ब्रिटेन में खतरनाक स्किन कैंसर 'मेलानोमा' के मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। यूके में 2022 में 20 हजार से ज्यादा मरीज मिले। विशेषज्ञों के अनुसार, धूप की तेज यूवी किरणें और सनबेड इसका मुख्य कारण हैं। लापरवाही भारी पड़ सकती है, जानें बचाव के उपाय

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 May 2026, 12:29 PM IST
google-preferred

New Delhi: ब्रिटेन में स्किन कैंसर के सबसे घातक रूप, मेलानोमा, के मामलों में अप्रत्याशित तेजी देखी जा रही है। कैंसर रिसर्च यूके की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में यूके के भीतर 20 हजार से अधिक लोगों में मेलानोमा की पुष्टि हुई है। यह अब तक का सबसे बड़ा और चिंताजनक आंकड़ा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मामलों के बढ़ने की यही रफ्तार जारी रही, तो साल 2040 तक हर साल करीब 26,500 लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

बुजुर्ग और युवा महिलाएं निशाने पर

रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि आने वाले समय में पुरुषों में मेलानोमा के मामलों में 23 प्रतिशत और महिलाओं में 26 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे ज्यादा चिंता बुजुर्ग आबादी को लेकर है; पिछले दस सालों में 80 साल से अधिक उम्र के लोगों में मेलानोमा के मामलों में 57 प्रतिशत का उछाल आया है। इसके अलावा, एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि 55 साल से कम उम्र की महिलाओं में यह कैंसर पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जा रहा है। इसका मुख्य कारण महिलाओं द्वारा धूप में अधिक समय बिताना और टैनिंग की आदत को माना जा रहा है।

यूवी (UV) रेडिएशन का सबसे बड़ा हाथ

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आबादी का बढ़ना और उम्रदराज होना इस बीमारी की एक वजह जरूर है, लेकिन सबसे असली और बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों के संपर्क में आना है। यूके में लगभग 90 प्रतिशत मेलानोमा के मामले सूरज की तेज धूप और सनबेड के अत्यधिक इस्तेमाल से जुड़े हैं। इसका मतलब है कि करीब 17 हजार मामलों को सही सावधानी बरतकर आसानी से रोका जा सकता था। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की एक अन्य स्टडी के अनुसार, 2022 में वैश्विक स्तर पर आए मेलानोमा के 80% से अधिक मामलों के लिए सीधे तौर पर यूवी रेडिएशन ही जिम्मेदार था।

Kitchen Risk: किचन में रखी ये आम चीजें बन सकती हैं कैंसर का कारण, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

क्यों बेहद खतरनाक है मेलानोमा?

डॉक्टरों के अनुसार, मेलानोमा त्वचा की उन कोशिकाओं (सेल्स) में विकसित होता है जो मेलेनिन का निर्माण करती हैं। मेलेनिन ही हमारी त्वचा को उसका प्राकृतिक रंग देता है। इस कैंसर को सबसे ज्यादा खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि यह बहुत कम समय में त्वचा से होते हुए शरीर के दूसरे अंगों में तेजी से फैल सकता है। बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में भी लंबे समय तक धूप में रहने के कारण इसका खतरा काफी बढ़ जाता है।

बचाव के उपाय और शुरुआती लक्षण

बचाव के लिए विशेषज्ञों ने लोगों को एसपीएफ (SPF) 30 या उससे अधिक क्षमता वाले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का उपयोग करने की सलाह दी है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ सनस्क्रीन काफी नहीं है; धूप में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना, छांव में रहना और सनबेड से दूरी बनाना सबसे प्रभावी तरीका है। अगर त्वचा पर कोई नया तिल दिखे, पुराना तिल रंग-रूप बदलने लगे, या कोई घाव लंबे समय तक ठीक न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती चरण में बीमारी का पता चलने पर इलाज की सफलता की दर 95 प्रतिशत तक होती है।

बिजली की रोशनी में सोना हो सकता है जानलेवा, हो सकती है कैंसर और दिल की बीमारी

Disclaimer: यह समाचार शोध अध्ययनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय (मेडिकल) सलाह का विकल्प न मानें। त्वचा में किसी भी प्रकार के असामान्य बदलाव दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से मिलें।

Location :  New Delhi

Published :  25 May 2026, 12:29 PM IST

Advertisement