Bangladesh में फिर कायराना करतूत, एक और Hindu की गोली मारकर हत्या, देश में आक्रोश

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी ढाका समेत कई जिलों में हिंदुओं को मारा जा रहा है। हिंदुओं के घर तक जला दिए जा रहे हैं। इन घटनाओं के बाद बांग्लादेश में चुनावों से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 6 January 2026, 1:24 AM IST
google-preferred

New Delhi: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं लेकिन वहां की यूनुस सरकार चुप्पी साधे है। जशोर जिले में सोमवार शाम को कट्टरपंथियों ने हिंदू समुदाय के एक शख्स की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। यह पिछले तीन हफ्तों में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की पांचवी घटना है।

इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की खबर के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश पर देश में आक्रोश व्याप्त है। मृतक की पहचान अरुआ गांव निवासी राणा प्रताप बैरागी (45 ) पुत्र तुषार कांति बैरागी के रूप में हुई है। घटना मनीरामपुर उपजिला के वार्ड नंबर 17 के कोपालिया बाजार में शाम करीब 5:45 बजे अंजाम दी गई।

T20 World Cup 2026: क्यों भारत नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम? सामने आ गई बड़ी वजह

घटना की पुष्टि करते हुए मोनिरामपुर थाना प्रभारी राजिउल्लाह खान ने कहा कि हम मौके पर मौजूद हैं। शव को कब्जे में लेने और पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है।

तीन हफ्तों के भीतर पांचवीं घटना

बैरागी की हत्या बांग्लादेश में हुई ऐसी पांचवीं घटना है। पिछले महीने दक्षिणपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से देश में तनाव का माहौल बना हुआ है। सबसे पहले 18 दिसंबर को मैमेनसिंह में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास पर भीड़ ने हमला किया और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।

इस घटना के छह दिन बाद, पांग्शा उपजिला में अमृत मंडल नाम के एक और हिंदू व्यक्ति की ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने हत्या कर दी। इसके बाद मैमेनसिंह में बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी महीने की शुरुआत में 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकोन दास पर भी भीड़ ने हमला किया और उन्हें जिंदा जला दिया, जब वह काम से लौट रहे थे। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद दास की शनिवार 3 जनवरी को मौत हो गई।

डरे हुए हैं बांग्लादेश के हिंदू

बांग्लादेश में 3 हफ्ते में ये 5वीं वारदात है, जिसमें हिंदू युवक की हत्या की गई है। राणा बैरागी के मर्डर के बाद स्थानीय लोगों में जहां दहशत है। वहीं, बांग्लादेश के हिंदू अपनी सुरक्षा को लेकर डरे-सहमे हुए हैं।

हिंदुओं की हत्या पर भारत की चिंता

पिछले महीने भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या को लेकर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हमले की 2,900 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। 26 दिसंबर को मीडिया को संबोधित करते हुए जायसवाल ने कहा था कि बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ चरमपंथियों के लगातार हमले गंभीर चिंता का विषय है।

मुस्तफिजुर को किया OUT तो बौखलाया बांग्लादेश, IPL 2026 के प्रसारण पर लगाया बैन

इस घटना ने बांग्लादेश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

कौन थे राणा बैरागी?

राणा प्रताप बैरागी को पेशे से पत्रकार बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वॉइस ऑफ बांग्लादेशी हिंदू नाम के एक हैंडल से पोस्ट करके उनके बारे में जानकारी दी गई है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि राणा प्रताप बैरागी 'बीडी खबोर' नाम के एक बांग्लादेशी अखबार के कार्यवाहक संपादक थे। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे के कारण सामने नहीं आए हैं। पूरे बांग्लादेश में पत्रकार समुदाय के बीच भी लोग इस घटना से डरे हुए हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 6 January 2026, 1:24 AM IST

Advertisement
Advertisement