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बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को चौंकाते हुए टी-20 वर्ल्ड कप से बायकॉट करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के सामने आते ही क्रिकेट दुनिया में हलचल मच गई है।
बांग्लादेश क्रिकेट टीम
New Delhi: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को चौंकाते हुए टी-20 वर्ल्ड कप से बायकॉट करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के सामने आते ही क्रिकेट दुनिया में हलचल मच गई है। बोर्ड के इस कदम को सिर्फ खेल से जुड़ा निर्णय नहीं, बल्कि इसके पीछे कई प्रशासनिक और सुरक्षा कारण भी बताए जा रहे हैं।
BCB सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड लंबे समय से टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था, शेड्यूल और टीम मैनेजमेंट से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतुष्ट था। खिलाड़ियों की सुरक्षा, अभ्यास सुविधाओं और यात्रा कार्यक्रम को लेकर बोर्ड ने आयोजकों के सामने कई बार आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया।
टी-20 वर्ल्ड कप से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बायकॉट ने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। सुरक्षा और आयोजन से जुड़ी चिंताओं को लेकर लिया गया यह फैसला ICC और आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। खिलाड़ियों के भविष्य और टूर्नामेंट की साख पर अब सबकी नजर टिकी है।#bangladeshcricket… pic.twitter.com/fxsPjuUYxk
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 22, 2026
बोर्ड का कहना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसी वजह से टी-20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच से हटने का फैसला लिया गया।
इस फैसले के बाद बांग्लादेश के मौजूदा क्रिकेटरों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ खिलाड़ियों ने बोर्ड के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, जबकि कई क्रिकेटरों ने इसे बांग्लादेश क्रिकेट के लिए नुकसानदेह बताया है। उनका मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट से हटना युवा खिलाड़ियों के करियर पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
BCB के इस फैसले के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और टूर्नामेंट आयोजकों पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि ICC इस मुद्दे पर जल्द ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश करेगा, ताकि टूर्नामेंट की साख और प्रतिस्पर्धा पर असर न पड़े।
फिलहाल BCB ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी चिंताओं का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक वे अपने फैसले पर कायम रहेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है।