हिंदी
कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे या किसी कारण से वहां अटके जनपद नैनीताल के लोगों की जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी के साथ जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रशासन ने आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं।
हल्द्वानी: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए विदेशों में मौजूद उत्तराखंड के लोगों की सुरक्षा को लेकर नैनीताल जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे या किसी कारण से वहां अटके जनपद नैनीताल के लोगों की जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी के साथ जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रशासन ने आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं।
क्या है पूरी खबर?
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए खाड़ी देशों में मौजूद जिले के नागरिकों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार का सदस्य इन देशों में फंसा हुआ है या उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो परिजन तुरंत जारी किए गए नंबरों या ईमेल के माध्यम से जानकारी दे सकते हैं। इससे प्रशासन और शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित कर उन्हें सुरक्षित भारत लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
भारतीय दूतावास से संपर्क के लिए...
प्रशासन की ओर से जिन संपर्क माध्यमों को साझा किया गया है, उनमें कुवैत के लिए मोबाइल नंबर +965 6550 1946 और ईमेल community.kuwait@mea.gov.in शामिल है। सऊदी अरब के लिए +966 11 4884697 तथा ईमेल cw.riyadh@mea.gov.in जारी किया गया है। वहीं बहरीन में भारतीय दूतावास से संपर्क के लिए +973 3941 8071 और +973 3840 0433 नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के लिए +971 2 4492700 नंबर तथा आधिकारिक वेबसाइट www.indembassyuae.gov.in के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है।
छत्रपति हत्याकांड में बड़ा फैसला: गुरमीत राम रहीम बरी, तीन दोषियों की सजा बरकरार; जानें पूरा अपडेट
स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा
जिलाधिकारी ने लोगों से कहा है कि इस तरह की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान देने से बचें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन लगातार विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय दूतावासों के संपर्क में बना हुआ है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर फंसे हुए नागरिकों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी को खाड़ी देशों में फंसे जिले के लोगों के बारे में जानकारी मिलती है तो उसे तुरंत प्रशासन तक पहुंचाया जाए। इससे समय रहते जरूरी कदम उठाकर उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जा सकेगी।