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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। कमांड ने पुष्टि की है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान ईरान के भीतर हजारों ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
ईरान पर हमला
New Delhi: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का आज आठवां दिन है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई देश पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके कारण तनाव घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। तेहरान से तेल अवीव तक चारों तरफ मिसाइलों दागी जा रहीं हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। कमांड ने पुष्टि की है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान ईरान के भीतर हजारों ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक आधिकारिक बयान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस मिशन की जानकारी दी। बयान के अनुसार, ऑपरेशन के पहले ही सप्ताह में 3,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
कमांड ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी है और सैन्य कार्रवाई को धीमा करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों और संभावित खतरों को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं ईरान की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तेज सैन्य कार्रवाई से मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
इस सैन्य वृद्धि के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की। उन्होंने कहा कि ईरान के आत्मसमर्पण के बिना कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने जोर दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगी, खासकर इस्राइल, ईरान के नेतृत्व बदलने के बाद ही किसी समझौते पर विचार करेंगे। उन्होंने 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' का नारा भी दिया। ट्रंप ने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद वे ईरान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेंगे।