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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर HAM अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने नाराजगी जताई है। उनकी पार्टी को छह सीटें मिली हैं, लेकिन मांझी का कहना है कि उनकी ताकत को कम आंका गया है और इसका खामियाजा एनडीए को भुगतना पड़ेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025
Patna: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए (NDA) ने सभी सीटों का बंटवारा हो गया है। भाजपा और JDU समेत एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लागू हो गया। सीट बंटवारें की घोषणा के बाद NDA सहयोगी दल अवाम हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है।
मांझी ने इस बंटवारे को लेकर असंतोष जाहिर किया
रविवार (12 अक्टूबर) को एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया, जिसमें मांझी की पार्टी को कुल छह विधानसभा सीटें दी गई हैं। ये सीटें टेकारी, कुटुंबा, अतरी, इमामगंज, सिकंदरा और बराचट्टी हैं। हालांकि, मांझी ने इस बंटवारे को लेकर असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि एनडीए में उनकी पार्टी की ताकत को कम आंका गया है, जो भविष्य में NDA के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
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"एनडीए को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा"
उन्होंने कहा, "आलाकमान ने जो फैसला किया है, वो सिर माथे पर है, लेकिन केवल छह सीटें देकर हमारे महत्व को कम आंकना सही नहीं है। एनडीए को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।" यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और माना जा रहा है कि मांझी की नाराजगी से गठबंधन में दरार की आशंका बढ़ सकती है।
सीट शेयरिंग को लेकर हुई थी लंबी बैठक
एनडीए के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में 8 घंटे तक मैराथन बैठक की थी, जिसमें सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तैयार किया गया। बताया जा रहा है कि HAM के साथ कई दौर की बातचीत के बाद छह सीटों पर सहमति बनी। एनडीए सूत्रों के मुताबिक, HAM को दी गई ये सीटें पार्टी की लोकल ताकत और पिछले चुनावों के परिणामों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं। लेकिन मांझी का कहना है कि उनकी पार्टी की भूमिका और जनाधार को देखते हुए उन्हें ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थी।
सीट शेयरिंग का फॉर्मूला
सीट बंटवारे के फॉर्मूले के तहत बीजेपी और जेडीयू दोनों को 101-101 सीटें दी गई हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि बिहार की राजनीति में दोनों प्रमुख पार्टियां अब समान रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी मुकाबला करेंगी। इसके अलावा चिराग पासवान की LJP (R) को 29 सीटें मिलेंगी। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा की RLM और जीतनराम मांझी की HAM को 06-06 सीटें दी गई हैं। ये दोनों दल एनडीए के महत्वपूर्ण सहयोगी दल हैं, जो राज्य में अपने प्रभाव को और बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
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