पेट दर्द का इलाज कराने अस्पताल पहुंची महिला, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत; वाराणसी में इलाज के दौरान मौत

मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में पेट दर्द का इलाज कराने निजी अस्पताल पहुंची करीब 40 वर्षीय अंजना देवी की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। वाराणसी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे तो हंगामा हो गया। पति की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 4 October 2026, 2:55 PM IST
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Mirzapur News: पेट दर्द की शिकायत लेकर इलाज की उम्मीद में निजी अस्पताल पहुंची एक महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे वाराणसी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद जब परिजन महिला का शव लेकर मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र स्थित उसी निजी अस्पताल पहुंचे तो मामला गरमा गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। मृतका के पति की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंची थी अंजना

मामला अहरौरा थाना क्षेत्र के महुली चौराहे का बताया जा रहा है। जमालपुर थाना क्षेत्र के भदावल गांव की रहने वाली करीब 40 वर्षीय अंजना देवी को पेट में दर्द की शिकायत हुई थी। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें फत्तेपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टर की सलाह के बाद अंजना को अहरौरा के महुली स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया।

ऑपरेशन के बाद अचानक बिगड़ी हालत

परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद अंजना की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे वाराणसी ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन अंजना को लेकर वाराणसी पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया गया। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद 2 अक्टूबर की शाम अंजना देवी की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर अहरौरा के महुली-कजाकपुर स्थित उसी निजी अस्पताल के सामने पहुंचे।

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शव अस्पताल पहुंचा तो मचा हंगामा

महिला का शव अस्पताल के सामने पहुंचते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध जताया। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। परिजनों का आरोप है कि हंगामा शुरू होने के बाद इलाज करने वाले डॉक्टर और अस्पताल का स्टाफ मौके से चला गया। आरोप यह भी है कि अस्पताल का बोर्ड हटा दिया गया और अस्पताल को बंद कर दिया गया।

पति की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा

मृतका के पति भरोस ने पुलिस को दी गई तहरीर में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पेट दर्द की शिकायत के बाद पत्नी को अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें वाराणसी ले जाना पड़ा। वहां इलाज के दौरान अंजना की मौत हो गई। पति की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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अस्पताल और डॉक्टर की डिग्री पर भी उठे सवाल

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और वहां इलाज करने वाले डॉक्टर की योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि इसकी जांच होनी चाहिए कि अस्पताल किस पंजीकरण के तहत संचालित हो रहा था और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के पास संबंधित योग्यता और अनुमति थी या नहीं। हालांकि अभी तक इन सवालों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में अहम होगी, क्योंकि इससे मौत की चिकित्सकीय वजह सामने आ सकेगी। इसके साथ ही पुलिस इलाज से जुड़े दस्तावेज, अस्पताल की जानकारी और डॉक्टर की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

Location :  Mirzapur

Published :  4 October 2026, 2:55 PM IST

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