“काला कानून वापस नहीं हुआ तो वोट की चोट देंगे”, गंगाजल लेकर दिल्ली निकले प्रदर्शनकारियों को मुजफ्फरनगर में रोका

यूजीसी कानून 2026 को लेकर विरोध अब सड़क तक पहुंच गया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली के लिए निकले त्यागी भूमिहार महासभा के कार्यकर्ताओं को मुजफ्फरनगर में पुलिस ने रोक दिया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 15 September 2026, 10:46 AM IST
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Muzaffarnagar: यूजीसी कानून 2026 को लेकर स्वर्ण समाज में नाराजगी के बीच सोमवार रात मुजफ्फरनगर में उस वक्त हंगामा हो गया, जब हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली की ओर पैदल जा रहे त्यागी भूमिहार महासभा के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय त्यागी के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिल्ली की ओर पदयात्रा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गंगाजल लेकर दिल्ली पहुंचना और केंद्र सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग करना उनका उद्देश्य है।

हरिद्वार से शुरू हुई थी पदयात्रा

त्यागी भूमिहार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय त्यागी अपने कार्यकर्ताओं के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली का माहौल खराब हो गया है और इसी वजह से वे गंगाजल लेकर सरकार को ‘शुद्ध’ करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहे थे। हालांकि, मुजफ्फरनगर पहुंचने के बाद पुलिस ने भारी फोर्स के साथ उन्हें शिव चौक के पास रोक लिया। इसके बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। 

राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन

काफी देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने उनकी मांगों को उचित माध्यम से आगे तक पहुंचाने का भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और कार्यकर्ता अपने-अपने घरों की ओर लौट गए।

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“बच्चे डर के साये में पढ़ेंगे”

अक्षय त्यागी ने यूजीसी कानून को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस कानून का सामाजिक समरसता और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर दूरगामी नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि उनका विरोध आरक्षण से नहीं है, बल्कि उनका मानना है कि इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलना चाहिए, न कि केवल किसी विशेष जाति के आधार पर।

उन्होंने कहा कि स्वर्ण समाज ने जिस सरकार को बनाया, उसी समाज पर अब कथित तौर पर ऐसे कानून थोपे जा रहे हैं, जिन्हें लेकर समाज में नाराजगी है। अक्षय त्यागी ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

“वोट भी बड़ा हथियार है”

अक्षय त्यागी ने सरकार को राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि अगर कानून वापस नहीं लिया गया तो समाज के पास ‘वोट की चोट’ का रास्ता भी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को रास्ते में रोकने से उनकी आवाज खत्म नहीं होगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी कहा कि इस मामले में उनकी नाराजगी मुख्यमंत्री से नहीं है। उनके मुताबिक यूजीसी कानून को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को भी अपनी बात रखनी चाहिए।

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पुलिस ने क्या कहा?

मौके पर मौजूद एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि हरिद्वार से एक गुट गंगाजल लेकर दिल्ली की ओर जा रहा था। पुलिस ने उन्हें शिव चौक पर रोका। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों से बातचीत की गई। एएसपी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांगों को उचित माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

फिलहाल ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। हालांकि, अक्षय त्यागी ने साफ कहा कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ तो आगे आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  15 September 2026, 10:46 AM IST

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