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अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने दोषी को अपनी कस्टडी में ले लिया
Ghazipur: गाजीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। 4 साल के मासूम भांजे की बेरहमी से गला काटकर हत्या करने वाले मामा अमजद खान को फांसी की सजा दी गई है। यह मामला न सिर्फ जघन्य अपराध की श्रेणी में आया, बल्कि कोर्ट की सुनवाई के दौरान आरोपी के व्यवहार ने भी सभी को हैरान कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में उस वक्त का माहौल बेहद गंभीर हो गया जब जज शक्ति सिंह ने दोषी अमजद खान से पूछा कि अगर उसे छोड़ दिया जाए तो वह क्या करेगा। इस पर आरोपी ने बेखौफ अंदाज में कहा कि अगर कोई उससे उलझेगा तो वह उसकी भी हत्या कर देगा। यह सुनकर कोर्ट में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इसके बाद जज ने फिर पूछा कि क्या उसे अपने किए पर कोई पछतावा है। आरोपी ने साफ शब्दों में कहा कि उसे कोई पछतावा नहीं है। उसके इस जवाब ने अदालत को और सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया।
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पीड़ित पक्ष के वकील अखिलेश सिंह के अनुसार, जज ने फैसले के दौरान बेहद कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस तरह का अपराध समाज के लिए सबसे खतरनाक है और आरोपी ने क्रूरता की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि आरोपी का व्यवहार किसी भी तरह की नरमी के योग्य नहीं है। जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाती है और इसके बाद उन्होंने अपना पेन तोड़ दिया, जिससे कोर्ट में माहौल और गंभीर हो गया।
यह पूरी घटना 21 अक्टूबर 2021 की है। 4 साल का दानियाल उर्फ अदनान खान अपनी मां शबाना नाज के साथ अपने ननिहाल बारा गांव, गहमर कोतवाली क्षेत्र में आया हुआ था। इसी दौरान किसी मामूली विवाद को लेकर आरोपी अमजद खान का अपनी बड़ी बहन से झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर उसने मासूम भांजे दानियाल पर चाकू से हमला कर उसकी गर्दन काट दी। हमले की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि बच्चे का सिर गर्दन से सिर्फ कुछ इंच जुड़ा रह गया था। यह घटना बच्चे की मां के सामने ही हुई, जिससे परिवार पर गहरा सदमा टूट पड़ा।
घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी। मासूम की हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया था। पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दानियाल के चाचा अरबाज खान ने गहमर थाने में आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज कराया था।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 9 गवाहों ने कोर्ट में बयान दिए। इनमें आरोपी की अपनी तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल थे। सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अमजद खान को दोषी करार दिया और उसे फांसी की सजा सुनाई।
कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी अमजद खान को जेल भेज दिया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि फैसले के समय भी उसके चेहरे पर किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह किसी शातिर अपराधी की तरह लोगों को घूरता रहा और उसका व्यवहार बेहद कठोर था।
मृतक बच्चे के पिता अमजद, जो दिलदारनगर क्षेत्र के मिर्चा गांव के रहने वाले हैं, अपने बेटे को याद कर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि दानियाल उनका इकलौता बेटा था और उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि बेटे की मौत के बाद परिवार टूट गया था, हालांकि बाद में एक और बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन दानियाल की यादें आज भी उनके दिल में जिंदा हैं।
Location : Ghazipur
Published : 12 June 2026, 9:35 AM IST