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नोएडा श्रमिक आंदोलन (img: Pinterest)
Noida Desk: नोएडा में जब मजदूरों का हिंसक आंदोलन हुआ था तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़े-बड़े एक्शन लिए थे, लेकिन इन एक्शन के बीच एक ऐसा कांड कर दिया। जिसकी वजह से गले में हड्डी फंस गई है। अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में एक्शन लिया है। एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और डीजी जेल से पूरी रिपोर्ट मांगी है, मामला बहुत गंभीर है।
दरअसल, श्रमिक आंदोलन के दौरान पुलिस ने 16 साल के एक नाबालिग लड़के को गिरफ्तार का जेल भेज दिया। बड़ी बात यह है कि जब किशोर को जेल भेजा गया तो रिपोर्ट में उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा लिख दी। मामला 14 अप्रैल का है। फेस-2 थाना पुलिस ने नाबालिग लड़के को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। वैसे लड़के की असली उम्र 16 साल है।
इस मामले को खुलासा तब हुआ, जब वह पेशी के दौरान नाबालिग लड़का गौतमबुद्ध नगर कोर्ट में आया। तभी एडवोकेट माणिक गुप्ता की नजर उस लड़के पर पड़ी। माणिक गुप्ता को लड़के की उम्र बहुत ज्यादा कम लग रही थी और हाथ में हथकड़ी थी। जब हथकड़ी ने उस नाबालिग लड़के से बात की तो पता चला कि उसकी उम्र को केवल अभी 16 वर्ष है।
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इस पर एडवोकेट माणिक गुप्ता ने नाबालिग लड़के का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज को इकट्ठा किया। उसके बाद उनको कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर 8 जून को उस लड़के को बाल सुधार भेजने के आदेश दिए गए। हालांकि, अब लड़के की जमानत हो गई है और उसको रिहा कर दिया गया है। यह मामला अब एनएचआरसी के पास पहुंच गया। एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और डीजी जेल से रिपोर्ट मांगी है।
Location : Noida
Published : 20 June 2026, 7:49 AM IST