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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (Img: Dynamite News)
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक ऐसे ठगी गिरोह का खुलासा किया है जिसने डिजिटल प्लेटफॉर्म यूट्यूब से ‘स्कैम का तरीका’ सीखकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने तीन ग्रेजुएट दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फर्जी रियल एस्टेट कंपनियां बनाकर निवेश के नाम पर लोगों को फंसाया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरेंद्र मलिया, दीपक चौधरी और प्रवीण कुमार के रूप में हुई है। ये तीनों अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और उच्च शिक्षित भी बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि इन्होंने “ग्लोबल टेक रियल एस्टेट” और “GT-FX ट्रेडिंग कंपनी” नाम से दो फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के जरिए लोगों को निवेश करने पर हर महीने 10 प्रतिशत कमिशन और आकर्षक रिटर्न का लालच दिया जाता था। आसान कमाई के झांसे में आकर कई लोग इनके जाल में फंस गए।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यूट्यूब से देखकर यह तरीका सीखा था कि कैसे शॉर्टकट से पैसा कमाया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से करोड़ों रुपये इकट्ठा कर लिए।
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मामला तब उजागर हुआ जब नई मंडी कोतवाली में समाधान दिवस के दौरान 20 से 25 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। दरसअल जनपद की नई मंडी कोतवाली पुलिस को कुछ दिन पूर्व समाधान दिवस के दौरान दर्जनों लोगों ने एक शिकायत की थी जिसमें उन्होंने बताया था की रियल एस्टेट कंपनी में इन्वेस्ट के नाम पर मोटा कमीशन देने का लालच देकर कुछ लोगों ने उनके साथ करोड़ो रुपयों की ठगी की है। जिसके चलते पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में आज तीन दोस्त हरेंद्र मलिया , दीपक चौधरी और प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि तीनों ही दोस्त ग्रेजुएट है और मोटा पैसा कमाने के लालच में इन तीनों ने यूट्यूब से सीख कर पहले दो फर्जी कंपनी ग्लोबल टेक रियल स्टेट और GT-FX ट्रेडिंग कंपनी बनाई और फिर दर्जनों भोले भाले लोगों को इन्वेस्ट के नाम पर 10% कमिश्नर का लालच देकर उनके करोड़ों रुपये ठग लिए। इन तीनों अभियुक्तों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन और फर्जी कंपनियों के फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
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पुलिस के अनुसार, जून 2025 से यह गिरोह सक्रिय था और अब तक दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका था। इनमें कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन और फर्जी कंपनियों के दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और वे पैसे लेकर फरार होने की तैयारी में थे, लेकिन शिकायत मिलते ही उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस अब इस मामले में अन्य पीड़ितों और संभावित साथियों की तलाश कर रही है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 2 July 2026, 8:16 PM IST