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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img; Google)
Lucknow: राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एसएन अग्निहोत्री को दिनदहाड़े लूटने की कोशिश किए जाने का आरोप लगा है। घटना गोमतीनगर इलाके की है, जहां एक ऑटो चालक ने कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अपने दो साथियों के साथ मिलकर रिटायर्ड जज को बीच सड़क पर रोक लिया। हालांकि राहगीरों की मौजूदगी और समय रहते पुलिस को सूचना दिए जाने के कारण आरोपी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके।
मामले में गोमतीनगर पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र की अवध विहार कॉलोनी निवासी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एसएन अग्निहोत्री चार जून की सुबह दांत का इलाज कराने के लिए अपनी कार से गोमतीनगर स्थित मेट्रो अस्पताल जा रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे वह जनेश्वर मिश्र पार्क के पास पहले अंडरपास के निकट पहुंचे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ऑटो चालक ने लगातार हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। रास्ता देने के उद्देश्य से उन्होंने अपनी कार को थोड़ा किनारे कर लिया ताकि ऑटो आगे निकल सके।
लेकिन आरोप है कि ऑटो चालक ने आगे जाकर वाहन को बीच सड़क में खड़ा कर दिया। इसके बाद एक बाइक पर सवार दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए।
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सेवानिवृत्त जज का आरोप है कि इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, ऑटो चालक उनकी कार के पास पहुंच गया। उसने जबरन कार का दरवाजा खोला और वाहन बंद कर दिया। इसके बाद तीनों आरोपी गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने लगे। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों की नीयत कार और अन्य सामान लूटने की थी। इसी बीच वहां कुछ राहगीर पहुंच गए, जिससे आरोपियों को मौके से भागना पड़ा। हालांकि मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
एसएन अग्निहोत्री का कहना है कि घटना के बाद जब वह आगे बढ़े तो कुछ दूरी पर सुनसान इलाके में आरोपियों ने एक बार फिर उनका पीछा कर वाहन रोकने का प्रयास किया। वहां भी उन्होंने कथित तौर पर लूट की कोशिश की। स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्होंने तत्काल यूपी-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस को सूचना दिए जाने की जानकारी मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
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घटना के बाद सेवानिवृत्त जज ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद सुशांत गोल्फ सिटी और नीलमथा चौकी पुलिस ने उनकी कार में लगे कैमरे की फुटेज भी देखी और आरोपियों की तस्वीरें अपने कब्जे में लीं।
इसके बावजूद जब उन्होंने गोमतीनगर थाने में शिकायत दी तो तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में शुरुआती स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा।
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी के अनुसार, शिकायत में जिस ऑटो नंबर का उल्लेख किया गया है, वह वास्तव में जानकीपुरम स्थित एक निजी स्कूल की बस का नंबर है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ऑटो पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। इससे पुलिस को भ्रमित करने और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की गई।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कार कैमरे की रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Location : Lukcnow
Published : 16 June 2026, 7:26 PM IST