मालिक जेल में था, लाइसेंस था रद्द; फिर भी कौन चला रहा था मौत की फैक्ट्री? कौशांबी हादसे में 11 जिंदगियों का जिम्मेदार कौन

प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। आइए जानते हैं कि इस ब्लास्ट का असली जिम्मेदार कौन है...

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 1 September 2026, 1:00 PM IST
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Kaushambi: प्रयागराज-कौशाम्बी बॉर्डर पर स्थित महमूदपुर गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बारे में एक अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार फैक्ट्री मालिक नौशाद ने कबूल किया कि फैक्ट्री का लाइसेंस दो साल पहले ही खत्म हो गया था। इसके बावजूद वह गैर-कानूनी तरीके से पटाखे बना रहा था। आरोपी के इस खुलासे के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां ​​सक्रिय हो गई हैं और प्रशासनिक लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है।

मुठभेड़ के बाद नौशाद गिरफ्तार

कौशांबी पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 4 बजे तेरहमील कस्बे के पास आरोपी नौशाद को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, जब पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी, तो आरोपी ने उन पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की।

धमाके में 11 लोगों की मौत

पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में मरने वालों की संख्या 11 बताई गई है। जिलाधिकारी (DM) अमित पाल शर्मा के अनुसार, मृतकों में आठ बच्चे, दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इस घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उनका इलाज प्रयागराज और आसपास के अस्पतालों में चल रहा है।

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घायलों में माला देवी, राजेश, सविता, अनीता और उर्वशी का इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल में चल रहा है, जबकि पीहू का इलाज मनौरी के एक निजी अस्पताल में हो रहा है।

मनौरी इलाका जबरदस्त धमाकों से दहला

सोमवार सुबह करीब 11:45 बजे मनौरी कस्बे और रेलवे ओवरब्रिज के पास रहने वाले लोगों ने अचानक जबरदस्त धमाकों की आवाज सुनी। इसके कुछ ही देर बाद आसमान में धुएं के गुबार उठते दिखे और फैक्ट्री से आग की लपटें निकलने लगीं। स्थानीय लोगों ने कई धमाकों की बात कही, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। आसपास के गांवों के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को बचाने और अस्पताल पहुंचाने की कोशिशें शुरू कर दीं।

वायु सेना और प्रशासन से मदद

घटना के करीब 40 मिनट बाद वायु सेना के जवान राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए पहुंचे। इसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड के जवान और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे लोगों को खोजने और राहत कार्य करने के लिए आठ बुलडोजर लगाए गए। शाम करीब 6 बजे, जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की। इसके बाद, पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी और फैक्टरी मालिक की दूसरी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी।

6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पिपरी पुलिस ने नौशाद और आदिल समेत परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें विस्फोटक अधिनियम के प्रावधान भी शामिल हैं।

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इस बीच, शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद, पिपरी स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) विजय सिंह, आउटपोस्ट इंचार्ज अमित द्विवेदी और चाइल आउटपोस्ट के पूर्व इंचार्ज मनीष पाल का तबादला पुलिस लाइंस कर दिया गया है। साथ ही, बीट कॉन्स्टेबल जितेंद्र और कृष्ण कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।

नेताओं ने दुख जताया; सख्त कार्रवाई के निर्देश

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने इस त्रासदी पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के उचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने घायलों का हाल जानने के लिए प्रयागराज के SRN अस्पताल का दौरा किया। वहीं, प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। कौशाम्बी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और उच्च-स्तरीय जांच के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

Location :  Kaushambi

Published :  1 September 2026, 1:00 PM IST

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