फतेहपुर में पुश्तैनी जमीन को लेकर बवाल, कब्रिस्तान बताकर विरोध करने पहुंचे लोग, पुलिस ने संभाला मोर्चा

फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के अमरजई इलाके में पुस्तैनी जमीन पर नींव खुदाई को लेकर विवाद हो गया। एक पक्ष ने जमीन को कब्रिस्तान बताया तो दूसरे पक्ष ने इसे अपनी पारिवारिक संपत्ति बताते हुए अवैध कब्जे का आरोप लगाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 1 September 2026, 1:04 PM IST
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Fatehpur News: फतेहपुर में जमीन के विवाद ने उस वक्त तनाव का माहौल बना दिया, जब पुस्तैनी जमीन पर जेसीबी से नींव खुदाई शुरू होते ही दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सदर कोतवाली क्षेत्र के अमरजई इलाके में जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर जमकर विरोध हुआ। एक पक्ष ने जहां जमीन को कब्रिस्तान की भूमि बताते हुए खुदाई का विरोध किया, वहीं दूसरे पक्ष ने इसे अपनी पुश्तैनी संपत्ति बताते हुए अवैध कब्जे का आरोप लगाया। विवाद बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराया।

जेसीबी पहुंचते ही शुरू हुआ विवाद

मामला फतेहपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के अमरजई इलाके का है। बताया जा रहा है कि एक पक्ष अपनी जमीन पर निर्माण के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई करा रहा था। जैसे ही खुदाई शुरू हुई, मुस्लिम पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और जमीन को पुराना कब्रिस्तान बताते हुए विरोध करने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और हंगामे जैसी स्थिति बन गई। दोनों पक्षों ने जमीन पर अपना-अपना अधिकार जताया। विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया।

पुस्तैनी जमीन होने का दावा

भूमिधरी जमीन के मालिक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अमरजई में गाटा संख्या 1782/1 में करीब तीन बिस्वा जमीन है, जो मंदिर के बगल में स्थित है। उनके मुताबिक यह जमीन राजस्व अभिलेखों में उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज है। अजय श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान उनकी दूसरी जमीन गाटा संख्या 1765 पर कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा किया गया था, जबकि वह जमीन भी राजस्व रिकॉर्ड में उनके परिवार के नाम दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि वक्फ बोर्ड में जितनी जमीन दर्ज है, उससे अधिक क्षेत्र को कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है।

मुस्लिम पक्ष ने कब्रिस्तान की जमीन बताई

वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से शहामत अली ने बताया कि अमरजई में कब्रिस्तान काफी पुराना है और पहले इसकी देखरेख कबीर अहमद मलिक की ओर से की जाती थी। उन्होंने कहा कि पुराने जिम्मेदार लोगों के निधन के बाद नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया चल रही है। शहामत अली के मुताबिक कमेटी गठन के लिए वक्फ विभाग लखनऊ में आवेदन भी दिया गया है और प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

पुलिस ने कायम कराई शांति

जमीन के मालिकाना हक और कब्रिस्तान को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस ने फिलहाल मौके पर काम रुकवा दिया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और विवाद को बढ़ाने से बचने की अपील की है। फिलहाल मामले में राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति साफ हो पाएगी। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

Location :  Fatehpur

Published :  1 September 2026, 1:00 PM IST

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