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पटाखा फैक्ट्री धमाके की ATS जांच में जुटी (Source: X)
Kaushambi: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की भयावहता को देखते हुए घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। इस बीच एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की टीम भी मौके पर पहुंचकर धमाके के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
सोमवार को कौशांबी जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि बचाव अभियान के दौरान मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित कुमार पाल के अनुसार, घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य के लिए करीब 8 से 10 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। भारी मशीनों की मदद से फैक्ट्री के गिरे हुए ढांचे और मलबे को हटाया जा रहा है।
प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति दबा या फंसा हुआ तो नहीं है। बचावकर्मी सावधानी के साथ मलबा हटा रहे हैं ताकि किसी संभावित जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
धमाके के बाद कुछ लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। उनके परिजन घटनास्थल और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या को लेकर भी स्थिति बचाव कार्य समाप्त होने के बाद स्पष्ट होने की संभावना है।
भीषण विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए ATS की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची है। टीम धमाके की परिस्थितियों और इसके कारणों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फैक्ट्री में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा मानकों या विस्फोटक सामग्री के रखरखाव से जुड़ी कोई लापरवाही हुई थी। जांच पूरी होने के बाद ही धमाके के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 कर्मचारी काम कर रहे थे। जोरदार धमाके के बाद फैक्ट्री का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई।
घटनास्थल पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें लगातार तैनात हैं। राहतकर्मी आग को पूरी तरह बुझाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त इमारत के मलबे को हटाने में जुटे हुए हैं।
धमाके के बाद लगी आग को नियंत्रित करने के लिए दमकल विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक टीमें घटनास्थल की सुरक्षा और राहत कार्यों की निगरानी कर रही हैं।
मलबे को हटाने के दौरान हर हिस्से की जांच की जा रही है, ताकि अंदर फंसे किसी व्यक्ति का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने और बचाव कार्य में बाधा न डालने की अपील की है।
फिलहाल कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट को लेकर राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। एक तरफ मशीनों की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ ATS समेत अन्य जांच एजेंसियां धमाके के कारणों की पड़ताल में जुटी हैं।
प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने और जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने के बाद ही हादसे में मृतकों, घायलों और अन्य प्रभावित लोगों की अंतिम संख्या के साथ धमाके के वास्तविक कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
Location : Kaushambi
Published : 1 September 2026, 12:47 PM IST
Topics : ATS Investigation Firecracker Factory Explosion Firecracker Factory Blast Kaushambi Blast rescue operation