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सपा नेताओं का लगातार विरोध (Source: Dynamite News)
Rampur: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को लेकर जारी विवाद अब और तेज हो गया है। आरडीए (रामपुर विकास प्राधिकरण) की ओर से जारी अंतिम नोटिस की समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर छात्र पिछले करीब 10 दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में समाजवादी पार्टी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इससे पहले पार्टी के 45 विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंप चुका है। इसके बाद 11 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी प्रशासन से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई रोकने की मांग कर चुका है। मामला फिलहाल मुरादाबाद कमिश्नरी कोर्ट में भी विचाराधीन है।
अंतिम नोटिस की समय-सीमा से ठीक पहले आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद तंजीम फातिमा ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह आदेश पूरी तरह मनमाना और अलोकतांत्रिक है। उनका कहना था कि जब तक लोकतंत्र और संविधान कायम है, तब तक उनका संघर्ष भी जारी रहेगा।
तंजीम फातिमा ने दावा किया कि विश्वविद्यालय के नक्शों में किसी प्रकार की कमी नहीं है और इस संबंध में वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी जानकारी दे चुकी हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और छात्राओं के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि देशभर से उन्हें समर्थन मिल रहा है और कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय मिलने की उम्मीद है।
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जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर अंतिम नोटिस की अवधि समाप्त होने से पहले राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन, अदालत और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच आगे क्या फैसला सामने आता है।
Location : Rampur
Published : 27 July 2026, 4:48 PM IST