Rampur: जौहर विश्वविद्यालय पर न किया जाए जमींदोज, अंधकार मे जा सकता है हजारो नौजवानों का भविष्य

जौहर विश्वविद्यालय पर संभावित कार्रवाई को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने सरकार से पुनर्विचार की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 17 July 2026, 3:47 PM IST
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Rampur: बरेली सपा नेता आजम खां द्वारा स्थापित किये गये जौहर विश्वविद्यालय पर जमींदोज किए जाने की चर्चा हर तरफ हो रही है। इसी से सम्बंधित आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन मे प्रेस को जारी किये गये बयान मे कहा कि जौहर विश्वविद्यालय रामपुर एक ऐसी शख्सियत के नाम पर बना हुआ है जिसने देश की आजादी मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मौलाना मुहम्मद अली जौहर के योगदान का किया उल्लेख

मौलाना मुहम्मद अली जौहर ने जिंदगी भर देश के लिए मर मिटना सिखाया, गोल मेज कांफ्रेंस लंदन मे भारत की आजादी के लिए मुसलसल 24 घंटा भाषण देने की वजह से, दिमाग की नस फट गई, और वही लंदन मे शहीद हो गए। उन्होंने गोल मेज कांफ्रेंस में अपने भाषणों के जरिए पूरे ब्रिटिश साम्राज्य को हिला कर रख दिया था।

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मौलाना जौहर ही नही बल्कि उनका पूरा परिवार देश पर कुर्बान हो गया, उनके भाई मौलाना शौकत अली भी गांधी जी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन के अगवाकारो मे थे। उनकी मां ने दोनों बेटों को मरते वक्त बुलाकर वसियत की कि बेटा देश को आजाद कराने में अगर तुम्हें अपनी जान की कुर्बानी देना पड़े तो दे देना, पीछे मत हटना। ये कहकर मां की सांस रुक गई और वो खुदा को प्यारी हो गई। इतिहास गवाह है कि उनके दोनों बेटे मौलाना मुहम्मद अली जौहर और मौलाना शौकत अली ने अपनी जानें देकर देश को आजाद कराने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरकार को दिया वैकल्पिक सुझाव

मौलाना बरेलवी ने कहा कि आज़म खां ने जो कुछ गलतियां की, उसकी सजा वो जेल मे भुगत रहे हैं। मगर जौहर विश्वविद्यालय एक शिक्षक संस्थान है, उसमें हजारों बच्चे पढ़ाई लिखाई का काम करते हैं, ये वो बच्चे हैं जिनमें ज्यादातर तादाद गरीब व कमजोर परिवार से ताल्लुक रखते है। हजारों बच्चों के भविष्य की समस्या उत्पन्न हो सकती है और उनका भविष्य अंधकार में जा सकता है। इसलिए उत्तर प्रदेश हुकूमत और जिला रामपुर के प्रशासन से मेरी गुजारिश है कि आज़म खां की सजा विश्वविद्यालय को न दी जाए। जौहर विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर की होने वाली कार्रवाई पर पूनः विचार करे, बल्कि विकल्पीक व्यवस्थाएं अपनायी जा सकती है।

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मौलाना बरेलवी ने रामपुर के जिला प्रशासन और राजनीतिक लोगों से बातचीत करके एक सुझाव दिया है, कि जिन बिल्डिंगो पर बुल्डोजर की कार्रवाई होनी है, उन बिल्डिंगो को हुकूमत अपने कंट्रोल मे ले ले, या फिर कम्पाउन्डिंग करके जुर्माना का रास्ता अपनाया जा सकता है, बिल्डिंग को ध्वस्त कर देना उचित तरीका नहीं है।

Location :  Rampur

Published :  17 July 2026, 3:47 PM IST

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