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जालंधर में आप नेता लक्की ओबेरॉय की गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार पर अंधाधुंध फायरिंग की। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए ओबेरॉय की मौत हो गई। पुलिस ने इलाके को सील कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
आप नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या (Img: Google)
Jalandhar: मंगलवार सुबह पंजाब के जालंधर (Jalandhar) में उस समय सनसनी फैल गई, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लकी ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मॉडल टाउन के एक गुरुद्वारे के बाहर हुई, जहां ओबेरॉय ने अभी-अभी अरदास की थी। चश्मदीदों के मुताबिक, जैसे ही वह अपनी कार में बैठे, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने उन पर आठ से दस गोलियां चलाईं।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे हुई। गोलियों की आवाज़ से इलाके में दहशत फैल गई। गंभीर रूप से घायल लकी ओबेरॉय (Lucky Oberoi) को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
दरअसल, यह घटना मॉडल टाउन इलाके में एक गुरुद्वारे के बाहर हुई, जहां वह हर दिन की तरह प्रार्थना करने गए थे। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से न सिर्फ स्थानीय लोगों में डर फैल गया है, बल्कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 6 फरवरी को सुबह करीब 7:15 बजे लकी ओबेरॉय गुरुद्वारे से प्रार्थना करके बाहर निकले और अपनी थार गाड़ी की तरफ जा रहे थे। उसी समय, घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर करीब से गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि हमलावर स्कूटर या एक्टिवा पर थे और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर इलाके में दहशत फैल गई और आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
डॉक्टरों के मुताबिक, लकी ओबेरॉय को कुल 8 से 9 गोलियां लगी थीं। इनमें से 5 से 6 गोलियां उनके सीने में लगीं और एक गोली उनके चेहरे या सिर पर लगी। परिवार वाले उन्हें तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले गए और फिर गंभीर हालत में श्री राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादा खून बहने और जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। गुरुद्वारे और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। ADCP जयंत पुरी और हरविंदर सिंह गिल ने बताया कि पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है और दोषियों को पकड़ने के लिए तीन स्पेशल जांच टीमें बनाई गई हैं। पुलिस अपनी शुरुआती जांच में इसे पहले से सोची-समझी टारगेट किलिंग मान रही है। पहले भी धमकियां मिली थीं।
हत्या के बाद, जस बुट्टर नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस अपराध की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में खालसा कॉलेज जालंधर में प्रेसिडेंट की नियुक्ति को लेकर विवाद का जिक्र है। इसमें दावा किया गया है कि इस मामले में 25 दिसंबर को चेतावनी दी गई थी। पुलिस इस सोशल मीडिया पोस्ट की सच्चाई और इसके पीछे की साजिश की पूरी जांच कर रही है। शहर में फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है और पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।