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काकादेव हत्याकांड में बड़ा एक्शन (IMG: Dynamite News)
Kanpur: कानपुर के काकादेव में कारोबारी अमित कुमार की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ओम चौराहे पर मामूली विवाद के बाद ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर अमित कुमार की जान लेने के आरोपी हिस्ट्रीशीटर संजय सिंह चौहान उर्फ संजय ढाबा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पनकी-सचेंडी बॉर्डर पर हुई इस मुठभेड़ में आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी।
मामला पांच सितंबर की रात करीब 11:30 बजे का बताया जा रहा है। नवीननगर पुरानी बस्ती निवासी कारोबारी अमित कुमार अपनी सुधा मार्केट के बाहर पानी पीने के लिए गए थे। इसी दौरान ओम चौराहे पर शास्त्रीनगर के हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता, कुशल श्रीवास्तव, संजय सिंह उर्फ संजय ढाबा और अश्विनी यादव शराब के नशे में गालीगलौज कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान हिस्ट्रीशीटर ओम चौराहे के बीचोंबीच पेशाब करने लगा। अमित कुमार ने इसका विरोध किया। यही विरोध उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान रविवार शाम पुलिस को संजय सिंह उर्फ संजय ढाबा की लोकेशन के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी शुरू की और पनकी-सचेंडी बॉर्डर के पास उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर संजय ने टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस के मुताबिक संजय की ओर से फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली संजय के दोनों पैरों में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में हत्या के मामले के अलावा उसके आपराधिक नेटवर्क और सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो को लेकर भी जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक संजय सिंह चौहान उर्फ संजय ढाबा पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ गुजैनी, कल्याणपुर, फजलगंज, नवाबगंज, काकादेव, बिठूर, कोतवाली, पनकी और स्वरूपनगर थानों में कुल 58 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इतने बड़े आपराधिक रिकॉर्ड के सामने आने के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि संजय किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसके अपराध का नेटवर्क कितना बड़ा है।
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि संजय ढाबा का पहले भी दो बार हाफ एनकाउंटर हो चुका है। इसके बावजूद वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा। अब काकादेव हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके पुराने आपराधिक मामलों और नेटवर्क को भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संजय के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या इन लोगों की भूमिका केवल इस हत्याकांड तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क भी काम कर रहा था।
पुलिस पूछताछ में संजय ढाबा ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने वीडियो को लेकर भी जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को निर्दोष बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि गैंगस्टर के आरोपी अवनीश दीक्षित की सलाह पर उसने यह वीडियो बनाया था। पुलिस के मुताबिक उसे सलाह दी गई थी कि वह वीडियो के जरिए खुद को निर्दोष बताए और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखे। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे आगे संरक्षण देने का आश्वासन दिया गया था।
Location : Kanpur
Published : 14 September 2026, 12:09 PM IST