एक तरफ मोदी-शी की कूटनीति और दूसरी तरफ टोक्यो में क्वाड का मेगा एक्शन, हिंद-प्रशांत में मची हलचल

नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंधों में नरमी के बीच क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपदा राहत अभियानों को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 14 September 2026, 12:00 PM IST
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New Delhi: भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों के बीच क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने प्रस्तावित 'क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क' (IPLN) को चालू करने की दिशा में काफी प्रगति की है। इस नेटवर्क को क्षेत्रीय संकटों के दौरान राहत सामग्री तेजी से पहुंचाने में मदद करने के लिए बनाया गया है।

टोक्यो, जापान में आयोजित एक 'टेबलटॉप एक्सरसाइज' (सिमुलेशन एक्सरसाइज) के दौरान चारों देशों ने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के कामकाज, तालमेल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस एक्सरसाइज ने IPLN को एक औपचारिक और व्यावहारिक ढांचे में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

टोक्यो में आपदा राहत तैयारियों का आकलन

जापान के रक्षा मंत्रालय द्वारा 3 और 4 सितंबर को आयोजित इस एक्सरसाइज में प्राकृतिक आपदा की स्थितियों पर आधारित एक काल्पनिक परिदृश्य शामिल था। इसमें यह देखा गया कि आपातकालीन स्थितियों के दौरान चारों देशों के पास मौजूद लॉजिस्टिक्स संसाधनों का सामूहिक रूप से कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। इस एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य राहत कार्यों के दौरान तालमेल, संसाधनों की साझेदारी और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं को बेहतर बनाना था। अधिकारियों ने संबंधित देशों के सिस्टम को एकीकृत करके मानवीय सहायता प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की।

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IPLN का लक्ष्य मानवीय सहयोग है, न कि सैन्य गठबंधन

'क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क' को सितंबर 2024 में क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान एक नागरिक पहल के रूप में शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान राहत कार्यों में तेजी लाना है। इस नेटवर्क को सैन्य गठबंधन के रूप में नहीं देखा जाता है; बल्कि इसे एक ऐसे सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है जो चारों देशों के मौजूदा संसाधनों परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को एकीकृत करता है।

हवाई और गुआम में एक्सरसाइज के बाद मिली गति

टोक्यो एक्सरसाइज से पहले अप्रैल 2025 में हवाई में एक शुरुआती टेबलटॉप एक्सरसाइज हुई थी। इसके बाद दिसंबर में गुआम में एक फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज आयोजित की गई। इन एक्सरसाइज में न केवल आपूर्ति और संसाधनों की आवाजाही पर ध्यान दिया गया बल्कि संकट के समय तेजी से निर्णय लेने राहत एजेंसियों के बीच तालमेल और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

शी जिनपिंग की भारत यात्रा के बाद राजनयिक माहौल में बदलाव

क्वाड की यह पहल ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। यह सात साल में शी जिनपिंग की भारत की पहली यात्रा थी। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। भारत ने सीमा प्रबंधन से जुड़े मौजूदा समझौतों और व्यवस्थाओं का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं चीन ने भी सीमा विवाद को सुलझाने के प्रयासों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की बात कही।

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सीमा वार्ता तंत्र भी सक्रिय

भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया के तहत सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है। दोनों देशों ने विशेष प्रतिनिधि-स्तर की वार्ता और सैन्य कमांडर-स्तर की बैठकें जारी रखी हैं।इस संदर्भ में क्वाड का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क क्षेत्रीय सहयोग का एक नया पहलू पेश करता है और साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आपदा राहत क्षमताओं को भी मजबूत करता है। भारत के लिए इस पहल को रणनीतिक संतुलन और मानवीय सहायता, दोनों ही दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जाता है।

Location :  New Delhi

Published :  14 September 2026, 11:58 AM IST

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