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गोरखपुर से साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला (Img: Google)
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां इस बार शातिर ठगों ने किसी आम नागरिक को नहीं, बल्कि कानून के रखवाले को ही अपना शिकार बना लिया है। गोरखपुर में तैनात एक पुलिसकर्मी के बैंक खाते से जालसाजों ने बड़ी चालाकी से 1.39 लाख रुपये उड़ा दिए। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे और साइबर सेल में हड़कंप मच गया है। जालसाजों ने इस पूरी ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया, जिससे पुलिसकर्मी को भनक तक नहीं लगी।
पीड़ित पुलिसकर्मी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया था। फोन हैक होने के कारण उनके बैंक खाते से यूपीआई (UPI) के माध्यम से पैसे उड़ाए गए, लेकिन उनके मोबाइल पर पैसे कटने का कोई भी अलर्ट या मैसेज नहीं आया। जालसाजों ने इस ठगी को दो दिनों के भीतर तीन अलग-अलग किस्तों में अंजाम दिया।
पूरा मामला तब खुला जब पीड़ित पुलिसकर्मी अपने बैंक पहुंचे। बैंक जाने पर उन्हें खाते से पैसे गायब होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखने के बाद उनके होश उड़ गए, क्योंकि उनके खाते से कुल 1 लाख 39 हजार रुपये गायब हो चुके थे।
विस्तार से बात करें तो पीड़ित गोपाल जय सिंह मूल रूप से गाजीपुर जिले के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के जोहरपुर गांव के निवासी हैं और वर्तमान में गोरखपुर में यातायात पुलिस (ट्रैफिक पुलिस) में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि ठगों ने 7 मई 2026 को उनके बैंक खाते में सेंध लगाई।
7 मई को पहली बार में ₹70,000 और दूसरी बार में ₹20,000 निकाले गए। इसके बाद अगले दिन यानी 8 मई 2026 को तीसरी बार में ₹49,986 पार कर दिए गए। फोन हैक होने की वजह से पीड़ित के पास कोई मैसेज नहीं पहुंचा, जिससे वह समय रहते अपना खाता ब्लॉक नहीं करवा सके।
इस बड़ी ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित पुलिसकर्मी ने तुरंत मामले की शिकायत दर्ज कराई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस (एफआईआर) दर्ज कर लिया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की साइबर टीम अब उस बैंक खाते की डिटेल निकलवा रही है, जिसमें ठगी की गई रकम को ट्रांसफर किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और आईपी एड्रेस के जरिए आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
Location : Gorakhpur
Published : 4 June 2026, 9:29 AM IST