बाबा बनकर लोगों को फंसाने वाले ठगों का खेल खत्म, जीजा-साले की चालाकी का हुआ पर्दाफाश

बलरामपुर पुलिस ने ऐसे साइबर ठगों का भंडाफोड़ किया है, जो बाबा और बैंक अधिकारी बनकर लोगों से लाखों रुपये ठगते थे। एक कारोबारी से लोन दिलाने के नाम पर बड़ी रकम ऐंठने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई।

Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर गैंग का भंडाफोड़ किया है जो भेष बदलकर लोगों की मजबूरी भांपता था और फिर बैंक अधिकारी बनकर लाखों रुपये की चपत लगा देता था। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन साई-वज्र के तहत यह एक बड़ी कामयाबी है।

पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

एसपी के कड़े रुख और कुशल निर्देशन में कोतवाली उतरौला पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहित नाथ और उसके साले संगम नाथ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उतरौला इलाके के ही रहने वाले हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इनके पास से दो एंड्राइड मोबाइल फोन के साथ फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी बैंक आईडी भी बरामद की गई है।

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ऐसे बिछाते थे जाल

​पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने इस गैंग के काम करने के अनोखे तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि इनका जाल किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। मुख्य आरोपी मोहित नाथ अक्सर बाबा का भेष बनाकर अलग-अलग राज्यों और जिलों में घूमता था। वहां वह लोगों की गृह दशा सुधारने या अंगूठी-स्टोन बेचने के बहाने उनसे बातचीत बढ़ाता था। इसी दौरान वह सामने वाले की दिक्कतों और आर्थिक जरूरतों को भांप लेता था। जब उसे पता चलता कि किसी को रुपयों की सख्त जरूरत है, तो वह अपने साले संगम नाथ को फर्जी बैंक मैनेजर बनाकर पीड़ित से फोन पर बात करवाता था।

इसके बाद लोन पास कराने और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर यह गैंग पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेता था और फिर उसे उतरौला के अलग-अलग एटीएम से नगद निकाल कर आपस में बांट लेता था।

फर्जीवाड़े का शिकार हुए उड़ीसा का युवक

​इस पूरे खेल का शिकार उड़ीसा के कटक का रहने वाला एक शख्स हुआ, जिसे अपने कारोबार के लिए लोन चाहिए था। मोहित ने बाबा बनकर उससे संपर्क साधा और फिर अपने साले संगम को फर्जी बैंक अधिकारी प्रभास सिंह बनाकर मैदान में उतारा। संगम ने नकली बैंक आईडी दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता और लोन दिलाने के नाम पर किस्तों में करीब पौने पांच लाख रुपये ऐंठ लिए। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ तो उसने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

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पुलिस कप्तान ने बताया कि जब पुलिस टीम ने संदिग्ध एटीएम खातों और पैसों के लेन-देन की बारीकी से जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती गईं और यह दोनों जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Location :  Balrampur

Published :  15 July 2026, 3:15 PM IST

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