फर्जी आधार कार्ड से खोलते थे बैंक खाते, ऐसे चलता था साइबर फ्रॉड का नेटवर्क

देवरिया में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। बैंक खातों के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने वाले गिरोह पर शिकंजा कसते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 13 July 2026, 11:51 PM IST
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Deoria: जनपद में साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से आठ मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड, एक सिम कार्ड, तीन आधार कार्ड, चार बैंक पासबुक और 13,620 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद आधार कार्डों में दो कथित रूप से फर्जी बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान ‘Cy-Vazra’ के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस टीम ने एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर मिले संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की थी।

आरोपियों से बरामद ठगी का सामान

चीनी मिल ग्राउंड के पास से हुई गिरफ्तारी

जांच के दौरान पुलिस को फर्जी बैंक खाते खरीदने-बेचने और साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन में शामिल गिरोह की जानकारी मिली। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चीनी मिल ग्राउंड, थाना कोतवाली देवरिया के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित कुमार गौतम, सुजीत उर्फ मुन्ना, अभिज्ञान प्रकाश, गौरव जायसवाल और आदर्श दूबे के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बैंक खाते पर देते थे कमीशन

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह कथित रूप से लोगों से बैंक खाते खरीदता था। इन खातों में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों से हासिल रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद एटीएम और चेक के माध्यम से रकम तुरंत निकाल ली जाती थी।

पुलिस का दावा है कि आरोपी अपना कमीशन काटकर शेष रकम गिरोह के संचालकों को पहुंचाते थे। प्रत्येक बैंक खाते के बदले 10 से 15 हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता था। निकाली गई रकम को एजेंटों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की बात भी सामने आई है।

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17 साइबर शिकायतें दर्ज

एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल के अनुसार, इन संदिग्ध बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 17 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अभिज्ञान प्रकाश ने दो फर्जी आधार कार्ड तैयार किए थे, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से बैंक खाते खुलवाने और पहचान छिपाने में किया जाता था।

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पुलिस ने जनता से की अपील

देवरिया पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर ठगी में इस्तेमाल के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराना भी गंभीर अपराध है।

Location :  Deoria

Published :  13 July 2026, 11:46 PM IST

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