Digital Arrest Scam: 80 साल की महिला डॉक्टर से 58.5 लाख की ठगी, साले-बहनोई की जोड़ी गिरफ्तार

राजकोट में 80 वर्षीय महिला डॉक्टर को चार दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट रखकर 58.5 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया था। 21.5 लाख रुपये और मांगने पर बैंक कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने समय रहते ट्रांजैक्शन रोक दिया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 4 October 2026, 12:29 PM IST
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Gujrat: गुजरात के राजकोट में Digital Arrest Scam का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने 80 वर्षीय महिला डॉक्टर को चार दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए डराकर कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट रखा और उनसे 58.5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने मामले में अहमदाबाद से साले-बहनोई की जोड़ी को गिरफ्तार किया है।

मुंबई क्राइम ब्रांच के नाम पर डराया

राजकोट के जगन्नाथ इलाके में रहने वाली 80 वर्षीय स्त्री रोग विशेषज्ञ को आरोपियों ने फोन किया। उन्होंने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। कॉल करने वालों ने महिला से कहा कि उनके नाम पर रजिस्टर्ड एक सिम कार्ड का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में हुआ है।

इसके बाद ठगों ने महिला का नाम कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस से जोड़ दिया। गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें लगातार डराया गया। आरोप है कि वीडियो कॉल के जरिए चार दिनों तक महिला पर नजर रखी गई और उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया।

RTGS से ट्रांसफर करा लिए 58.5 लाख

डर के माहौल में महिला डॉक्टर ने आरोपियों के निर्देश पर अपने बैंक खाते से 58.5 लाख रुपये RTGS के जरिए उनके बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

ठगों का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। अगले दिन आरोपियों ने महिला से 21.5 लाख रुपये और ट्रांसफर करने को कहा। महिला जब दोबारा बैंक पहुंचीं तो कर्मचारियों को उनकी घबराहट और इतनी बड़ी रकम के ट्रांजैक्शन पर शक हुआ।

बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से बची रकम

बैंक कर्मचारियों ने समय रहते महिला से पूछताछ की और संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोक दिया। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने से महिला के बाकी 21.5 लाख रुपये ठगों के हाथ जाने से बच गए।

इस तरह बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से एक और बड़ी रकम साइबर ठगी का शिकार होने से बच गई।

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साले-बहनोई के खातों का हुआ इस्तेमाल

शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की जांच शुरू की। जांच के दौरान अहमदाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों आपस में साले-बहनोई हैं।

आरोप है कि साइबर ठगी से हासिल रकम को आगे ट्रांसफर करने और उसकी लेयरिंग के लिए दोनों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

साथ ही ठगी गई रकम को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को इसी तरह निशाना बनाया है।

Location :  New Delhi

Published :  4 October 2026, 12:29 PM IST

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