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शिव मंदिर परिसर की चारदीवारी टूटी (IMG: Dynamite News)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र में एक प्राचीन शिव मंदिर परिसर की चारदीवारी तोड़े जाने का मामला सामने आया है। मंदिर के सेवादार ने थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर चारदीवारी गिराने का आरोप लगाया है। सेवादार ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मंदिर परिसर की तोड़ी गई चारदीवारी दोबारा बनवाने की मांग की है।
मंदिर के निस्वार्थ सेवादार की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, मंदिर परिसर के पास रहने वाले महावीर और राजवीर पुत्रगण सरनाम से काफी समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि 25 जुलाई 2025 को दोनों ने अपनी दीवार हटाकर नाबदान की गिरी हुई दीवार के ऊपर से जबरन रास्ता बना लिया था। सेवादार का कहना है कि इस मामले को लेकर 12 अगस्त 2025 को थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया था।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान कई बार चारदीवारी तोड़ने और वहां सीढ़ी लगाने का प्रयास किया गया। सेवादार के मुताबिक, इन प्रयासों की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को दी गई और थाना पुलिस को भी मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद कथित प्रयासों को रुकवाया गया। सेवादार ने यह भी आरोप लगाया है कि चारदीवारी गिराने की धमकी दी गई थी।
मंदिर सेवादार के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को महावीर और राजवीर पुत्रगण सरनाम तथा महावीर के बेटे जितेश और आशीष ने मिलकर मंदिर परिसर की चारदीवारी गिरा दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब चारदीवारी गिराई जा रही थी, उस समय अजय शर्मा पुत्र रमेश चंद्र ने अपनी छत से घटना को देखा। वहीं मंदिर परिसर में मौजूद रूपराक्ष पुत्र मुकट और बाबा जी विनोद दास ने भी घटना देखी। आरोप है कि आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, उससे पहले ही चारदीवारी गिरा दी गई।
घटना के बाद मंदिर सेवादार ने कादरचौक थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के साथ मंदिर परिसर की क्षतिग्रस्त चारदीवारी को दोबारा बनवाने का अनुरोध किया है।
Location : Budaun
Published : 29 September 2026, 2:10 PM IST