हिंदी
बरेली के मौलानगर में गरजा बुलडोजर (Img: Pinterest)
Bareilly: बरेली के प्रेम नगर इलाके के मंगलवार को मौलानगर में BDA की टीम कामधेनु गौशाला को गिराने पहुंचा। यह गौशाला सरकारी जमीन पर बनी थी जो पार्क के लिए तय की गई थी। गौशाला के समर्थकों ने इस कदम का विरोध किया और अधिकारियों से तीखी बहस की। हालांकि, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने स्थिति को बिगड़ने से रोका और तोड़ने की कार्रवाई जारी रही।
जैसे ही इस कार्रवाई की खबर फैली, मौलानगर और आस-पास के इलाके पुलिस छावनी में बदल गए। मौके पर प्रेम नगर पुलिस, PAC की एक कंपनी, सिटी सर्कल ऑफिसर (CO), मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में आवाजाही पर नजर रखी गई।
ये भी पढ़ें - Bareilly: जिस भाई की कलाई पर बांधी थी राखी, उसी ने सीने में दाग दी गोली; मातम में बदलीं खुशियां
स्थानीय लोगों ने मौलानगर में कामधेनु गौशाला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसका संबंध महामंडलेश्वर संजीव गौर से बताया जाता है और आरोप लगाया था कि इसे पार्क के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर बनाया गया था। आरोप था कि लगभग 500 वर्ग गज सार्वजनिक जमीन पर कब्जे के कारण स्थानीय निवासी बच्चों के पार्क और टहलने की जगह से वंचित रह गए। शिकायत के बाद हुई जांच ने तोड़ने की कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया।
इस कार्रवाई की तैयारी शुरू में 24 जुलाई को की गई थी; उस सुबह पुलिस और PAC के जवान तैनात किए गए थे, लेकिन किसी कारणवश BDA की टीम नहीं पहुंची। मंगलवार को टीम पूरी तैयारी के साथ पहुंची और सुरक्षा घेरे में तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।
ये भी पढ़ें - Bareilly: इंसानियत शर्मसार, गैस कनेक्शन के बहाने बुलाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, जानिए क्या है पूरा मामला
जैसे ही अवैध निर्माण गिराया जाने लगा तो मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ देर तक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, भीड़ को पीछे हटाया और बिना किसी रुकावट के तोड़ने की कार्रवाई जारी रखी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गौशाला वाली ज़मीन वास्तव में पार्क के लिए आरक्षित थी। उनका आरोप है कि कब्जे के कारण इलाके के बच्चे और बुजुर्ग सार्वजनिक जगह से वंचित रह गए हैं।
Location : Bareilly
Published : 28 July 2026, 3:56 PM IST