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गाजियाबाद ओमकार हत्याकांड में बड़ा अपडेट
Ghaziabad Desk: जिले के चर्चित ओमकार हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। गाजियाबाद पुलिस ने शनिवार की रात को इस हत्याकांड से जुड़ी एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दरअसल, शनिवार की रात को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ऊपर 50 हजार का इनाम रखा गया था। आरोपी की पहचान गौरव के रूप में हुई है। हत्या के बाद ओमकार की लाश को कहां ठिकाने लगाया, इस बात का खुलासा गाजियाबाद पुलिस के सामने गौरव ने किया।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुए चर्चित दूध कारोबारी ओमकार हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पूछताछ में हत्या की साजिश से लेकर शव ठिकाने लगाने तक के कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
पूछताछ में गौरव ने कबूल किया कि 30 मई की सुबह उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दूध कारोबारी ओमकार की हत्या की थी। हत्या के बाद शव को कार में डालकर मेरठ ले गए और रोहटा क्षेत्र के पास गंगनहर में फेंक दिया गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस हत्याकांड की जड़ एक पुराना विवाद था। गौरव ने बताया कि 20 मई को ओमकार के बेटे देवांश का गोपाल के साथ विवाद हुआ था। उस दौरान देवांश ने गौरव का नाम भी लिया था। इसके बाद 29 मई को पंचायत बुलाई गई, जहां ओमकार ने सौरभ और उसके पिता के साथ मारपीट कर दी थी। आरोपियों के अनुसार, इसी अपमान का बदला लेने के लिए ओमकार की हत्या की साजिश रची गई। सौरभ, गोपाल, गौरव, मोहित और अन्य साथियों ने मिलकर ओमकार की हत्या करने का प्लान बनाया।
गौरव ने पुलिस को बताया कि 30 मई को सौरभ एक स्विफ्ट कार, पिस्टल और तमंचा लेकर आया था। सभी आरोपी पहले शराब के ठेके पर गए और शराब पी। इसके बाद गांव के पास एक खेत में बैठकर ओंकार के आने का इंतजार करने लगे। सुबह जब ओंकार चारा लेने के लिए घर से निकला तो आरोपियों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। निठोरा अंडरपास के पास कार को उसकी बाइक के सामने लगाकर उसे रोक लिया गया।
आरोपियों ने ओंकार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि ओंकार को सात गोलियां मारी गईं। गोली लगने के बाद भी आरोपी उसे जबरन कार में डालकर अपने साथ ले गए। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
गौरव के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी शव को लेकर पहले पूरामहादेव रोड पहुंचे, लेकिन वहां लोगों की आवाजाही और नहर में कम पानी होने के कारण शव नहीं फेंक सके। बाद में पूठखास पुल के पास गंगनहर के किनारे पहुंचे और करीब 500 मीटर अंदर जाकर शव को नहर में फेंक दिया।
ओंकार के लापता होने के बाद से परिजन लगातार पुलिस पर दबाव बना रहे थे। उनका कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद शव बरामद नहीं किया जा सका है। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खुलासे के बाद पुलिस को शव मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस की कई टीमें मेरठ और बागपत के नहर क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही हैं। गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की मदद से शव की तलाश की जा रही है।
Location : Ghaziabad
Published : 6 June 2026, 11:52 PM IST