फतेहपुर में 17 साल पुराने दोहरे हत्याकांड का फैसला: 14 दोषियों को उम्रकैद, वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी खौफनाक वारदात

फतेहपुर जिले के हथगाम थाना क्षेत्र में 2008 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्चस्व की लड़ाई में हुई इस खूनी वारदात में दो लोगों की मौत हुई थी। करीब 17 साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 19 June 2026, 3:58 PM IST
google-preferred

Fatehpur: फतेहपुर जिले में करीब 17 साल पहले हुई एक ऐसी खूनी वारदात, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया था, उसका अब जाकर कानूनी अंजाम सामने आया है। हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में 14 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 38-38 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

सात दिसंबर 2008 को हुई इस घटना में गांव की राजनीति और आपसी रंजिश ने ऐसा खूनी रूप लिया था कि बकरीद के जुलूस के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो लोगों की जान ले ली गई थी। लंबे समय तक चले मुकदमे के बाद अब अदालत के फैसले से पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद जगी है।

बकरीद के जुलूस के दौरान शुरू हुआ था खूनी खेल

मामले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि पट्टीशाह गांव के पूर्व प्रधान और बसपा नेता मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू मियां अपने बेटे रियाज हैदर नकवी और अंगरक्षक शमशाद के साथ बकरीद के जुलूस में शामिल होने गए थे। उस दौरान जुलूस गांव में आगे बढ़ रहा था। बताया जाता है कि जब जुलूस दूसरे पक्ष के साबिर के दरवाजे के पास पहुंचा, तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि हमलावरों ने पहले मारपीट की और फिर देखते ही देखते गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

फतेहपुर में पसरा सन्नाटा, उजड़ गई दो घरों की दुनिया, यमुना नदी में डूबे दो सगे चचेरे-मौसेरे भाई

16 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के आधार पर कुल 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और अदालत में सुनवाई शुरू हुई। मामले में गांव के कई लोगों के नाम सामने आए थे। आरोपियों में शरीफ सेठ, रईस, शफीक, मोईन, नेहाल, रईश, सगीर, इसराइल, अशोक समेत कई अन्य लोग शामिल थे। इसके अलावा साबिर, सादिक, वाजिद और संजय के खिलाफ भी मुकदमा चला। हथगाम अखरी गांव के रहने वाले मुन्नू सिंह को भी इस मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया था। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े साक्ष्य पेश किए।

कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार पंचम की अदालत में इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 14 आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 38-38 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों सलाम और बच्छन की मौत हो चुकी थी, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई खत्म हो गई।

फतेहपुर में घर में घुसकर हंगामा, लाखों के जेवर और नकदी ले जाने का आरोप; CCTV फुटेज से खुल सकते हैं राज

सालों बाद आया फैसला

करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक चले इस मुकदमे में पीड़ित परिवार लगातार न्याय का इंतजार कर रहे थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें राहत मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ दो लोगों की हत्या का नहीं था, बल्कि गांव में दबदबे और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा था। इस घटना के बाद इलाके में लंबे समय तक तनाव का माहौल रहा था।

Location :  Fatehpur

Published :  19 June 2026, 3:58 PM IST

Advertisement