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हरियाणा के पेटवाड़ गांव पहुंचेंगे भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत। पैतृक घर और स्कूल की इस भावुक यात्रा में गांव का हर चेहरा गर्व से खिला नजर आ रहा है। यह Home Visit मेहनत, सादगी और प्रेरणा की जीवंत कहानी बन गई है।
CJI सूर्यकांत का मिट्टी से मुकाम तक का सफर (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Hansi/Haryana: हरियाणा के हांसी जिले का छोटा-सा गांव पेटवाड़ आज इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। वजह हैं भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, जो शनिवार को अपने गृह जिले पहुंचने वाले हैं। यह सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि उस मिट्टी से दोबारा जुड़ने का भावुक क्षण है, जहां से निकलकर उन्होंने देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक का सफर तय किया।
पेटवाड़ गांव में जैसे ही CJI सूर्यकांत के पहुंचने की खबर फैली, पूरा गांव उत्साह से उमड़ पड़ा। गांव की हर गलियों में रौनक देखने को मिल रही है, घरों पर सजावट और चेहरों पर गर्व साफ झलक दिख रहा है। ग्रामीणों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं है। गांव वासियों ने अपने स्तर पर भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया, जिसमें बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक शामिल हुए है। हर किसी की जुबान पर एक ही बात है- "हमारे गांव का बेटा, देश का चीफ जस्टिस।"
CJI सूर्यकांत का अपने पैतृक घर पहुंचना गांव के लिए सबसे खास पल है। यही वह घर है, जहां उनके सपनों ने आकार लिया और मेहनत ने दिशा पाई। गांव के लोगों का कहना है कि पद और प्रतिष्ठा के बावजूद उनकी सादगी आज भी वैसी ही है। वे हर साल गांव आते हैं, अपने लोगों से मिलते हैं और पुराने रिश्तों को उसी आत्मीयता से निभाते हैं।
उनके बड़े भाई आज भी गांव में रहते हैं, जिस कारण उनका पेटवाड़ से रिश्ता कभी टूटा नहीं। गांव के खेतों के बीच स्थित तालाब से उनकी खास यादें जुड़ी हैं। बताया जाता है कि वे अक्सर वहां जाकर अकेले बैठते हैं और बचपन की स्मृतियों में खो जाते हैं।
पैतृक घर से कुछ दूरी पर स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पेटवाड़, उनके जीवन का अहम पड़ाव रहा है। यही वह स्कूल है, जहां से शिक्षा की नींव मजबूत हुई। CJI सूर्यकांत का इस स्कूल से गहरा जुड़ाव है। वे हर वर्ष स्कूल आते हैं और 10वीं व 12वीं के टॉपर्स को सम्मानित कर छात्रों का हौसला बढ़ाते हैं।
इस बार भी उनके स्कूल पहुंचने को लेकर विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री और न्यायपालिका से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों के शामिल हो रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम गरिमापूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
पेटवाड़ गांव से निकलकर दिल्ली तक का यह सफर सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। गांव के लोगों का कहना है कि CJI सूर्यकांत आज बच्चों के आदर्श हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि छोटे गांव से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
हांसी कोर्ट परिसर पहुंचने पर हांसी बार एसोसिएशन की ओर से उनका ऐतिहासिक स्वागत किया जाना है। वकीलों और न्यायिक अधिकारियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
CJI सूर्यकांत की यह Home Visit पेटवाड़ गांव के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। यह दौरा बताता है कि ऊंचे पद पर पहुंचने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही सच्ची सफलता है। गांव से स्कूल और फिर दिल्ली तक का यह सफर आज हर उस बच्चे की आंखों में सपना बनकर चमक रहा है, जो आगे बढ़ना चाहता है।