पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर का टूथपेस्ट और नकदी केस पहुंचा कोर्ट, देवरिया पुलिस कटघरे में; जानिये पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के टूथपेस्ट का मामला अब अदालत पहुंच चुका है। इस मामले में देवरिया पुलिस पर कई आरोप लगाये गये हैं।

Updated : 14 January 2026, 12:43 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और देवरिया पुलिस के बीच विवाद अब अदालत तक पहुँच गया है। यह विवाद उनके गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ रखी गई चीजों के संबंध में है। अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि देवरिया पुलिस ने गिरफ्तारी के समय उनसे उनकी नकदी, टूथपेस्ट और अन्य आवश्यक घरेलू सामान जब्त कर लिया था, लेकिन अब तक उन्हें ये चीजें वापस नहीं की गई हैं।

नकदी और रोजमर्रा की वस्तुओं का विवाद अदालत में

घटना की पृष्ठभूमि कुछ इस प्रकार है कि अमिताभ ठाकुर, जो कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा दे चुके हैं, को कुछ दिनों पहले देवरिया जिले में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनके पास मौजूद नकदी और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ जब्त कर लीं। हालांकि, सामान्य प्रक्रिया के तहत जब्त की गई वस्तुओं को बाद में लौटाई जानी चाहिए थीं।

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अमिताभ ठाकुर के वकीलों ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कई बार देवरिया पुलिस से सम्पर्क कर अपनी वस्तुएँ लौटाने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें पुलिस पर जवाब देने और जब्त की गई वस्तुएँ लौटाने का आदेश देने की मांग की गई है।

देवरिया पुलिस पर सवाल, क्यों मची हलचल?

जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता और नियमों के पालन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यदि कोर्ट में अमिताभ ठाकुर की याचिका पर ध्यान दिया जाता है, तो इससे यह स्पष्ट होगा कि पुलिस को गिरफ्तारी के दौरान जब्त की गई चीजों के प्रति किस हद तक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

इस बीच, देवरिया पुलिस ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। पुलिस विभाग ने पहले यह कहा था कि गिरफ्तारी के समय की गई जब्ती सामान्य प्रक्रिया के तहत हुई थी और किसी भी प्रकार का दुरुपयोग नहीं किया गया। अब कोर्ट में मामला पहुंच जाने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि न्यायालय किस तरह से इस विवाद को सुलझाता है।

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स्थानीय कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तारी के समय जब्त की गई व्यक्तिगत वस्तुएँ किस हद तक वापस की जा सकती हैं और क्या पुलिस प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन किया है।

इस मामले ने सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में भी काफी हलचल मचा दी है। लोग लगातार पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। अब सबकी नजरें कोर्ट की सुनवाई पर लगी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि अमिताभ ठाकुर को उनकी जब्त की गई वस्तुएँ और नकदी वापस मिलेंगी या नहीं।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 14 January 2026, 12:43 PM IST

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